Hindi NewsJharkhand NewsLohardaga NewsChristmas Celebrations in Lohardaga Special Prayers and Joyful Gatherings Among Believers
परमेश्वर की प्रार्थना और खुशियों में डूबे मसीही विश्वासी

परमेश्वर की प्रार्थना और खुशियों में डूबे मसीही विश्वासी

संक्षेप:

लोहरदगा में ख्रीस्तमस के अवसर पर चर्चों में विशेष प्रार्थनाओं और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मसीही विश्वासी कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रभु यीशु के आगमन की खुशियां मनाते रहे। लोग एक-दूसरे को उपहार देकर नए साल की बधाइयां भी देते रहे, और पारंपरिक नृत्य के साथ उल्लासपूर्वक पर्व मनाया।

Dec 25, 2025 11:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लोहरदगा
share Share
Follow Us on

लोहरदगा, संवाददाता।लोहरदगा जिला में अवस्थित आरसी, एनडब्ल्यूजीईएल, सीएनआई, जीईएल समेत तमाम चर्च से जुड़े विश्वासियों ने गुरुवार को अपने सबसे बड़े त्यौहार ख्रीस्तमस के पावन अवसर पर संबोधित चर्चों में विशेष प्रार्थनाओं के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद मसीही विश्वासी मध्य रात्रि के बाद तक प्रभु यीशु के आगमन की खुशियां मनाते रहे। बुधवार मध्य रात्रि में प्रभु जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विशेष अनुष्ठान हुआ। गुरुवार को भी चर्चों में सामूहिक प्रार्थना और धार्मिक विधि का आयोजन किए गए। गुरुवार को पूर्वाहन के बाद से लगातार लोग एक दूसरे से मिलते जुलते रहे बधाइयां दी और एक दूसरे को उपहार देकर नए साल की बधाइयां भी दी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मसीही विश्वासी ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए उल्लासपूर्वक पर्व मनाते दिखे। चर्च परिसर भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा। उपनगरीय क्षेत्र पतराटोली स्थित संत बेर्नाडेत आरसी चर्च और उर्सुलाइन चर्च में मुख्य अनुष्ठानकर्ता फा शिशिर सुरीन और उप-याजक हिलारियुस एक्का द्वारा विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इस अवसर पर युवा संघ के सदस्यों द्वारा मनमोहक ख्रीस्तमस गीतों की प्रस्तुति दी गई। मौके पर उपस्थित विश्वासियों को संदेश देते हुए पल्ली पुरोहित ने कहा कि ईश्वर का राज्य हमारे बीच आ चुका है। प्रभु यीशु मनुष्य रूप में हमारे बीच जन्मे ताकि हमें खोज सकें और मुक्ति दिला सकें। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मानवता से अथाह प्रेम करते हुए अपने इकलौते पुत्र को संसार में भेजा, ताकि सभी का उद्धार हो सके।उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु का जन्म गरीब के घर चरनी में हुआ और उनके जन्म का संदेश सबसे पहले चरवाहों, यानी गरीबों को मिला। यीशु ने कभी स्वयं को बड़ा नहीं समझे, बल्कि प्रेम, करुणा ,दया और क्षमा का मार्ग दिखाया। इन्हीं गुणों को अपनाने का आह्वान किया। मौके पर डॉ सि आइलीन कुजूर, सि अलबिना, सि मंजुसता, संजय टोप्पो, रंजीत अभय किंडो, नरेंद्र मिंज, डोमनिक एक्का, किशोर केरकेट्टा, अगुस्टीन टोपनो, जेवियर लकड़ा, सुधा मिंज, अंजेला मिंज, रश्मि कुजूर, आभा कुजूर सहित बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी उपस्थित थे।