लोहरदगा उर्स मुबारक के मौके पर अंतर मदरसा नात और कैरत हुआ इनामी मुकाबला
लोहरदगा शरीफ में बाबा दुखन शाह के सालाना उर्स के अवसर पर जामा मस्जिद में कैरत और नात का इनामी मुकाबला हुआ। कई मदरसों के छात्रों ने भाग लिया। नात पढ़ने और सुनने की अहमियत को बताया गया। प्रतियोगिता में विजेताओं को इनाम प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सदस्यों ने सहयोग किया।

लोहरदगा,संवाददाता। लोहरदगा शरीफ -बाबा दुखन शाह सालाना उर्स मुबारक के मौके पर मंगलवार को जामा मस्जिद परिसर में अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा के निगरानी में अंतर जिला मदरसा तालीम लेने वाले छात्रों के बीच कैरत और नात का इनामी मुकाबला सम्पन्न हुआ। आयोजन जमा मस्जिद कमेटी और मदरसा हजरत बाबा दुखन शाह के तत्वावधान में किया गया। प्रोग्राम की सदारत हजरत मौलाना कारी शमीम रज़वी ने की। इस मौके पर जामा मस्जिद के इमाम ने कहा कि नात शहादत भी है और इबादत भी है। बाबा दुखन शाह के प्रति बच्चों ने नात के जरिए प्यार और सम्मान प्रकट किया। नात बाबा दुखान शाह के प्रति अकीदत और मोहब्बत का इजहार है।
अंजुमन इस्लामिया सदर अब्दुल रऊफ अंसारी ने कहा कि उर्स के माहौल में नात इसके अहमियत को बनता है। अल्लाह के करीब होने का एहसास दिलाता है। सेक्रेटरी शाहिद अहमद बेलू ने कहा कि नात पढ़ने और सुना दोनों सबाब का जरिया है। इसलिए यह आयोजन काफी महत्व रखता है। अंजुमन इस्लामिया के नाजिम- ए- आला अब्दुल जब्बार उर्फ जबरुल ने कहा कि मधुर आवाज में तमाम जिलों के मदरसों से आए बच्चों ने नबी की तारीफ और सीरत को नात और कैरत के जरिए आवाम के समक्ष रखा। नबी के शान व चमत्कारों का इसमें जिक्र को रखा गया। यह हमारे नबी के शान में शानदार प्रस्तुति बच्चों ने दी। यह काबिले तारीफ हैं। इनामी मुकाबले में रांची, लातेहार और लोहरदगा के कई मदारसों से छात्रों शरीक किया। कैरत मुकाबले में अब्बू जैद अंसारी कौनैन एकेडमी राहत नगर लोहरदगा, शहजाद अली मदरसा बाबा दुख्खन शाह लोहरदगा और शाहनवाज मदरसा दारूल उलूम मर्कजुल हेदाया को क्रमशः पहला दूसरा और तीसरा स्थान का इनाम दिया गया। नात ए पाक के मुकाबले में पहला इनाम तनवीर रजा मदरसा बाबा दुख्खन शाह लोहरदगा, दूसरा इनाम अफरोज अंसारी मदरसा अहले सुन्नत किस्को, तीसरा इनाम हसनैन रजा मदरसा कादिरया कंजुल इमान नरकोपी रांची को हासिल हुआ। कैरत मुकाबले के निर्णायक मंडली में कारी तेजम्मुल हुसैन अमजदी और कारी गुलाम सैयदुल वरा शामिल थे। नाते पाक मुकाबले के जजों में मुफ्ती जीशान रजा सकाफी और हाफिज आलम रजा हशमती शामिल थे। प्रोग्राम को कामयाब बनाने में जामा मस्जिद कमेटी के सचिव सरवर आलम पाले, अंजुमन इस्लामियां के सदर अब्दुल रउफ अन्सारी, सचिव एस शाहिद अहमद (बेलू), नाजिम ए आला अब्दुल जब्बार, नायब सदर एस आरीफ हुसैन बबलू, सहसचिव अनवर अन्सारी, अल्ताफ कुरैशी, सेराज अन्सारी, यासिन कुरैशी, अबुल कलाम तैगी, असगर तैगी, सगीर, लुकमान, असगर, हाफिज शफिक, सरवर खान, मौलाना इजहार, मौलाना जहांगीर, हाफिज मकबूल, हाफिज युसुफ, मौलाना गुलाम रब्बानी, कारी शाहिद फिदाई आदि ने सहयोग किया।
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