
भाकपा(माले) लिब्रेशन ने महेंद्र सिंह का 21वां शहादत दिवस मनाया
लोहरदगा में भाकपा(माले) ने शुक्रवार को नेता महेंद्र सिंह का 21वां शहादत दिवस मनाया। जिला प्रभारी महेश सिंह ने कहा कि महेंद्र सिंह गरीबों की आवाज थे और उनकी हत्या से उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई थी। उनके जीवन का उद्देश्य जनता की भलाई और अन्याय का विरोध था।
लोहरदगा, संवाददाता।भाकपा(माले) लिब्रेशन, लोहरदगा के द्वारा शुक्रवार को पार्टी के नेता महेंद्र सिंह का 21वां शहादत दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान जिला प्रभारी महेश सिंह ने कहा कि महेंद्र सिंह गरीब-गुरबों की आवाज़ थे। उनकी हत्या कर इसे दबाने की घृणित कोशिश की गयी। लेकिन उनकी आवाज जन-जन की आवाज बन गई। झारखण्ड और बिहार सहित भारत के कोने-कोने सहित संसद में उनकी आवाज गुंजायमान हो रही है। उनके जीवन का एक भी दिन ऐसा नहीं था, जिस दिन वह गरीबों, मजदूरों, किसानों, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं की बात नहीं करते थे। उनका अगर एकमात्र कोई कर्म या धर्म था तो वह था आम जनता की भलाई।
वह अहर्निश स्वप्न में भी अपने को जनता के ही बीच पाते थे। यही कारण था कि उनकी शहादत भी जनता के बीच हुई थी। उनका एकमात्र लक्ष्य था जुल्म, शोषण-दोहन, अन्याय और अलोकतांत्रिक कार्यों का विरोध और संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वनाथ गुप्ता ने की। उन्होने महेन्द्र सिंह के ब्यक्तितव और कृतित्व का वर्णन विस्तार से किया। साथ ही सभा को भरत गोप, बच्चूनारायन सिंह, गोपाल महतो, अगनू उरांव, किसुन दास, मोहन मिंज, फूलदेव कुजूर, बंधु पन्ना, मंजू उरांव आदि ने भी संबोधित किया।

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