Latehar News: शव लेकर गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस, कीचड़ में फंसा वाहन सड़क-पुल के अभाव में केकराही के ग्रामीण बेहाल
Latehar News: चंदवा, प्रतिनिधि। माल्हन पंचायत के केकराही गांव में सड़क की गंभीर समस्या है। गांव तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता बारिश में कीचड़ में बदल जाता है, जिससे मरीजों और शवों को लाने-ले जाने में कठिनाई होती है। हाल ही में एंबुलेंस कीचड़ में फंस गई, और ग्रामीणों को शव पहुंचाने में समस्याओं का सामना करना पड़ा।

Latehar News: चंदवा, प्रतिनिधि। प्रखंड के माल्हन पंचायत के केकराही गांव में आजादी के दशकों बाद भी सड़क सुविधा नहीं पहुंच सकी है। गांव तक पहुंचने वाला कच्चा और जर्जर रास्ता बरसात में कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को मरीजों के साथ-साथ शवों को लाने-ले जाने में भी भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को गांव की बदहाल सड़क की एक तस्वीर सामने आई, जब शव लेकर पहुंची एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी और कीचड़ में फंस गई। जानकारी के अनुसार केकराही निवासी अनुप ठाकुर की पत्नी बबिता देवी का इलाज के दौरान रांची के एक अस्पताल में निधन हो गया। परिजन एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे, लेकिन कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते पर वाहन आगे नहीं बढ़ सका। एंबुलेंस के फंस जाने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद शव को गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
रेलवे लाइन और नदी बनी बड़ी बाधा
ग्रामीणों ने बताया कि केकराही गांव के एक ओर नदी और दूसरी ओर रेलवे लाइन है। पहले ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते हुए गांव तक पहुंचते थे। कुछ समय पूर्व रेलवे द्वारा रास्ते में बैरिकेडिंग कर दिए जाने के बाद यह मार्ग भी बंद हो गया। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।आवागमन की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर केंदुआटांड़ से केकराही के बीच रेलवे ब्रिज के नीचे नदी किनारे मिट्टी, मोरम और पत्थर डालकर अस्थायी रास्ता बनाया है। हालांकि बरसात में यह रास्ता दलदल में बदल जाता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण को लेकर सांसद, विधायक और संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई। रामकिशुन गंझु, जयमंगल गंझु, श्रवण गंझु, सीताराम गंझु, लक्ष्मण गंझु, कुलदीप ठाकुर समेत अन्य ग्रामीणों ने देवनदीया-केकराही मार्ग पर देवनद नदी में पुल के साथ पक्की सड़क बनाने की मांग की है। साथ ही रेलवे ब्रिज के नीचे से केंदुआटांड़-केकराही सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क और पुल का निर्माण नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है।


