
एनटीपीसी माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
बालूमाथ के गेरेंजा गांव में ग्रामीणों ने एनटीपीसी द्वारा मांगे जा रहे जमीन के लिए कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है और वे इसे किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि खनन शुरू होने पर विस्थापन का सामना करना पड़ेगा।
बालूमाथ, प्रतिनिधि। बालूमाथ प्रखंड के गेरेंजा गांव में हराफू स्कूल के समीप शुक्रवार को आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने एनटीपीसी द्वारा मांगे जा रहे गैर मजूरवा,जंगल झाड़ी और फॉरेस्ट लाइन क्षेत्र के लिए ग्राम सभा एनओसी के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है,जिसे वे किसी भी कीमत पर कंपनी को नहीं देंगे। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती किसानी करते आए हैं और यदि कंपनी ने खनन की प्रक्रिया शुरू की तो पूरे गांव को विस्थापन की मार झेलनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने इसे जल जंगल जमीन की लड़ाई बताते हुए आर पार की लड़ाई का ऐलान किया।सरना
समिति के प्रखंड सचिव शंकर उरांव ने कहा कि कंपनी प्रशासन के संरक्षण में दलालों के माध्यम से ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब ग्रामीण पूरी तरह जागरूक और संगठित हैं। उन्होंने कहा कि हम जमीन नहीं देंगे। जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट,सुप्रीम कोर्ट,राष्ट्रपति और राज्यपाल तक जाएंगे,लेकिन किसी भी कीमत पर अपनी खेतिहर भूमि कंपनी को नहीं सौंपेंगे।उन्होंने जिला प्रशासन से भी अपील की कि वे एनटीपीसी को जमीन हस्तांतरण के लिए किसी तरह का संरक्षण न दें और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा करें। बैठक में ग्राम प्रधान परमेश्वर गंझू, शंकर उरांव, कामेश्वर उरांव, केशो उरांव, सोमर यादव, संतोष गंझू, रामकेश भुईयां, शुकू उरांव सहित कई महिलाएं पुरुष उपस्थित रहे।

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