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बनबीरवा संकुल के अधिकांश विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे

बनबीरवा संकुल के अधिकांश विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे

संक्षेप: लातेहार के बनबीरवा संकुल के अधिकांश विद्यालय एकल शिक्षक व्यवस्था पर निर्भर हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। 18 विद्यालयों में से 9 केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी और अतिरिक्त दायित्व के कारण शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। जिला शिक्षा अधीक्षक ने नए शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया की जानकारी दी।

Mon, 17 Nov 2025 11:37 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लातेहार
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लातेहार, प्रतिनिधि। बनबीरवा संकुल के अधिकांश विद्यालय लंबे समय से एकल शिक्षक व्यवस्था पर निर्भर हैं। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। संकुल क्षेत्र अंतर्गत लगभग 18 विद्यालय संचालित होते हैं, जिनमें से लगभग 9 विद्यालय सिर्फ एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इन विद्यालयों में आठ उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय तथा एक उत्क्रमित मध्य विद्यालय शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इन स्कूलों में वर्षों से वही शिक्षक पदस्थापित हैं और उनकी कभी भी डेपुटेशन या स्थानांतरण अन्य विद्यालयों में नहीं की गई। एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भैंसमारा, लुंडी, बेहराटांड़, कुड़पानी, औरया, ओरवाई, गुरुगु, हरनाछाप्पर तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोदाग प्रमुख हैं।

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कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जहां पहुंचने के लिए शिक्षकों और बच्चों को पगडंडियों, नदी-नाले और दुर्गम रास्तों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे स्कूल संचालन और शिक्षा दोनों प्रभावित होते हैं। उक्त विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि एकल शिक्षक होने के कारण उन पर अनेक प्रकार के अतिरिक्त दायित्व आ जाते हैं। जैसे मध्यान्ह भोजन संचालन, बच्चों की पढ़ाई, पाठ योजना निर्माण,उपस्थिति अद्यतन और विभागीय रिपोर्ट प्रतिदिन जमा करना। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाना लगभग असंभव हो जाता है। उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गुरुगु के शिक्षक अंगद यादव और लुंडी विद्यालय की शिक्षिका शांति देवी ने बताया कि स्टाफ की भारी कमी के कारण उन्हें सभी कार्य अकेले ही संभालने पड़ते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बाधित होता है। क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधीक्षक इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम कुमार साहू ने बताया कि स्थिति से विभाग अवगत है और शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के लिए नए शिक्षकों की नियुक्ति पत्र जल्द ही जारी किए जाएंगे। नियुक्ति के बाद प्राथमिकता के आधार पर आठ दिनों के भीतर एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।