50 से अधिक सरकारी स्कूलों में तड़ित चालक नहीं, जोखिम में बच्चों की जान
महुआडांड़ के सरकारी विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी उजागर हुई है। 50 से अधिक स्कूलों में तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं होने से छात्रों की जान खतरे में है। बरसात और तूफान में बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा उपकरण लगाने की मांग की है।

महुआडांड़, प्रतिनिधि। प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ रही है। प्रखंड के 50 से अधिक प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में आज तक तड़ित चालक की व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे हजारों छात्र-छात्राओं की जान हर दिन खतरे में रहती है।
सुरक्षा की कमी
बरसात और आंधी-तूफान के मौसम में बिजली गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके बावजूद विद्यालयों में सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। स्कूल भवनों पर तड़ित चालक नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों और अभिभावकों में इसे लेकर गहरी चिंता है।
स्थानीय लोगों की चिंताएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बच्चों की शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जहां एक ओर स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा की बात हो रही है। वहीं दूसरी ओर बच्चों की सुरक्षा को पूरी तरह नजर अंदाज किया जा रहा है। कई अभिभावकों ने बताया कि बरसात में बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। शिक्षकों का भी कहना है कि बिजली कड़कने के समय बच्चों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि स्कूल भवनों में कोई सुरक्षा उपकरण नहीं है।
प्रशासन से मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लिया जाए और सभी स्कूलों में अविलंब तड़ित चालक लगाया जाए।
सामान्य प्रश्न
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