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लातेहार के रजनीकांत ने किया जिले का नाम रौशन

लातेहार के रजनीकांत ने किया जिले का नाम रौशन

कहा जाता है कि प्रतिभा परिस्थितियों का मोहताज नहीं होता है।लातेहार के रजनीकांत पाठक ने इस वाक्य को पुरी तरह से चरितार्थ कर दिखाया। सुविधाहीन लातेहार जिले में पले बढ़े रजनीकांत को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम मेरी आवाज सुनो समारोह में सम्मानित किया गया । उन्होंने इस समारोह में अपनी आवाज के जादू से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। उनके द्वारा गाए गए गाने या रब्बा दे दे कोई जान भी अगर--- को लोगों ने खुब सराहा। वहीं उन्होंने नाट्य कला के माध्यम से समाज के वर्तमान परिवेश पर प्रकाश भी डाला। मौैके पर सुविधाहीन क्षेत्रों में रहने के बाद भी संगीत के इस उंच्चाइ पर पहुंचने और संगीत की शिक्षा का अलख जगाने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।मौके पर डीजी आईआइएमसी के सुरेश कुमार, मशहुर कार्टुनिष्ट काक जी,वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी, विकास मिश्र आदि ने उन्हें पुरस्कृत भी किया। बता दें कि रजनीकांत पाठक की आवाज काफी हद तक मशहुर गायक कैलाश खेर से मिलती है।

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  • Web Title:Rajneikant of Latehar did the name of the city Roshan