जिला मुख्यालय में एक भव्य रविंद्र भवन का निर्माण हो
लातेहार नगर पंचायत के 2026 के चुनावों की तिथि घोषित होने के बाद राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कलाकारों ने नगर के विकास के लिए अपनी अपेक्षाएँ साझा कीं, जिसमें आधुनिक प्रेक्षागृह, रोजगार योजनाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शामिल हैं। स्थानीय कलाकारों की समस्याओं को सुलझाने के लिए चुनावी प्रतिनिधियों से अपेक्षाएँ व्यक्त की गई हैं।

लातेहार प्रतिनिधि। नगर पंचायत लातेहार में वर्ष 2026 के चुनाव की तिथि घोषित होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र में 23 फरवरी को मतदान एवं 27 फरवरी को मतगणना संपन्न कराई जाएगी। इसी क्रम में आमजन की सोच, अपेक्षाओं एवं सुझावों को जानने के उद्देश्य से नगर क्षेत्र के कलाकारों से संवाद स्थापित किया गया। संवाद के दौरान कलाकारों ने नगर से जुड़ी जमीनी एवं मूलभूत समस्याओं को खुलकर सामने रखा और आने वाले नगर अध्यक्ष व वार्ड प्रतिनिधियों से अपनी अपेक्षाएं साझा कीं। कलाकारों ने एक स्वर में कहा कि इस बार नगर अध्यक्ष पद के लिए ऐसे योग्य, ईमानदार एवं जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील प्रत्याशी का चयन होना चाहिए, जो नगर की प्रमुख समस्याओं, विशेषकर परिवहन व्यवस्था से जुड़ी परेशानियों के समाधान को प्राथमिकता दे।
कलाकारों ने बताया कि लातेहार सांस्कृतिक रूप से अत्यंत पिछड़ा है। जिला मुख्यालय में एक भव्य रविंद्र भवन का निर्माण होना चाहिए, जहां नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाट्य प्रस्तुतियों, संगीत एवं कला आयोजनों का संचालन हो सके। वर्तमान में नगर में एक नगर भवन अवश्य है, लेकिन वहां सुविधाओं का अभाव है। हॉल की क्षमता सीमित होने के कारण बड़े कार्यक्रमों के दौरान अत्यधिक भीड़ हो जाती है और लोगों को बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं मिल पाती। कलाकारों ने मांग की कि नगर पंचायत क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सुसज्जित प्रेक्षागृह का निर्माण कराया जाए। इसके अतिरिक्त स्थानीय कलाकारों के लिए एक पृथक अभ्यास हॉल की व्यवस्था की जाए, जहां वे नियमित रूप से रियाज कर सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नगर स्तर पर नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए, जिससे कलाकारों को मंच एवं आर्थिक सहयोग मिल सके और आम नागरिकों को स्वस्थ मनोरंजन का अवसर प्राप्त हो। ------------------------------------------------------ कलाकारों के लिए विशेष रोजगार योजनाएं प्रारंभ हो संवाद के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर एवं दिव्यांग कलाकारों के लिए विशेष रोजगार योजनाएं प्रारंभ करने की भी मांग उठी। कलाकारों का कहना था कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे आर्थिक रूप से पिछड़े कलाकारों को मासिक आय का साधन उपलब्ध हो सके और वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। कलाकारों ने आशा जताई कि आगामी नगर पंचायत चुनाव में जनप्रतिनिधि सांस्कृतिक विकास को प्राथमिकता देंगे और लातेहार को एक सशक्त सांस्कृतिक पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे। ---------------------------------------- पांच अपेक्षाएं 1-आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रेक्षागृह का निर्माण हो, जहां कलाकार कार्यक्रम कर सके। 2-कलाकारों के लिए अलग से रिहर्सल हॉल या कला केंद्र की व्यवस्था होना चाहिए। 3-नगर पंचायत द्वारा महीने में एक बार कलाकारों के लिए कार्यक्रम का आयोजन हो। 4-आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए विशेष योजना चलाने की जरूरत है। 5-ओपन थिएटर या सार्वजनिक स्थल पर स्टेज की व्यवस्था हो। ---------------------------------- स्थानीय कलाकारों के लिए अलग से रिहर्सल हॉल या कला केंद्र की व्यवस्था हो, जहां वे बिना बाधा अभ्यास कर सकें। पर्याप्त बैठने की क्षमता, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य हो। फोटो -9- अमरदीप मोदनवान -------------------------------------------- ओपन एयर थिएटर, पार्क या सार्वजनिक स्थल पर ओपन स्टेज की व्यवस्था, ताकि छोटे-बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। फोटो -10- जितेंद्र कुमार भगत ------------------------------------------ संगीत, नृत्य, नाटक, पेंटिंग, लोक कला आदि के लिए प्रशिक्षण संस्थान या वर्कशॉप की व्यवस्था, विशेषकर बच्चों और युवाओं के लिए। फोटो 11- प्रिंस कुमार ---------------------------------- लातेहार सांस्कृतिक रूप से अत्यंत पिछड़ा है। जिला मुख्यालय में एक रविंद्र भवन का निर्माण होना चाहिए, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमो का आयोजन हो सके. शहर में एक नगर भवन है, लेकिन वहां सुविधाओं के मामले में कुछ भी नहीं है। फोटो- 12- आशीष टैगोर --------------------------- नगर पंचायत क्षेत्र में मनोरंजन के लिए नियमित कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए, इससे कलाकारों को भी आर्थिक सहयोग हो पायेगा और आम लोग भी कुछ समय के लिए मनोरंजन कर पायेगें। फोटो-13- बसंत कुमार --------------------- आर्थिक रूप से पिछड़े कलाकारों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए। ऐसा प्रावधान लाया जाना चाहिए जिससे दिव्यांग या आर्थिक रूप से पिछड़े कलाकारों को मासिक आमदनी हो सके। फोटो-14- शिवदयाल राम ----------------- आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रेक्षागृह का निर्माण, जहां नाटक, संगीत, नृत्य, कवि सम्मेलन, चित्रकला प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हो सकें। पर्याप्त बैठने की क्षमता, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य हो। फोटो - 15- आशोक कुमार महलका -------------------- नगर पंचायत द्वारा स्थानीय कलाकारों के कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया एवं वेबसाइट पर प्रोमोशन हो । हस्तशिल्प, पेंटिंग, लोक कला आदि की बिक्री के लिए स्थायी प्रदर्शनी स्थल या साप्ताहिक कला बाजार बनें। फोटो -16- भुनेश्वर साहू ------------------ फोटो- 17- शनिवार को अपनी समस्याओं को रखते कलाकार
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