
पक्षियों की चहचहाहट से गूंज रहा साले डैम
महुआडांड़ के साले डैम में दिसंबर के अंत में प्रवासी पक्षियों का आगमन हुआ है। ये पक्षी, जैसे बार हेडेड गुज, 28,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं और तिब्बत से चिल्का झील तक का सफर करते हैं। यहाँ की अनुकूल जलवायु उन्हें प्रजनन के लिए आकर्षित कर रही है।
महुआडांड़ प्रतिनिधि। प्रखंड अंतर्गत साले डैम में दिसंबर माह के अंतिम दिनों में हजारों किलोमीटर दूर से आकर प्रवासी पक्षियों ने डेरा जमाया हुआ है। साथ ही आसमान में विदेशी पक्षियों के झुंड मनमोहक प्रकृति के नजारे को उकेर रहे हैं और डैम में पक्षियों की अटखेलियां मन मोह ले रही है। वहीं इस नजारे को देखने के लिए आसपास के लोग भी आने लगे हैं। इस संबंध में वाइल्ड लाइफ के जानकार ने बताया कि यह पक्षी बार हेडेड गुज है,जो रिकार्ड 28 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर कर एक दिन में 16 हजार किलोमीटर का सफर तय करके तिब्बत, कजाकिस्तान, रूस, मंगोलिया से चिल्का झील जाती है।
जो बीच बीच में किसी स्थान पर दस से पंद्रह दिनों के लिए विश्राम करती है। इन्हे महुआडांड़ की आवोहवा पसंद आ रही है,अगर इन्हें तंग न किया जाए तो हर साल आएगी और लौटने के क्रम में भी वह इसी स्थान पर विश्राम करेंगी। सर्दी का मौसम अनुकूल होने के कारण यह काल इन पक्षियों के प्रजनन के लिए उपयुक्त होता है। नदी किनारे विदेशी मेहमान पक्षी अंडे देते हैं। गर्मी आने से पहले बच्चों सहित अपने मूल स्थान पर लौट जाते हैं। विदेशी पक्षी लगभग 2 हजार किलोमीटर का सफर तय कर यहां आते हैं। इस दूरी को तय करने में उन्हें करीब एक महीने का समय लगता है।

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