
ओल्हेपाट में आदिवासी रैयतों की जमीन पर जबरन कब्जे का प्रयास, विरोध करने पर मारपीट
लातेहार के बालूमाथ प्रखंड में ओल्हेपाट ग्राम के आदिवासी रैयतों की जमीन पर कॉल वाशरी कंपनी द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। कंपनी ने जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू की, जिससे रैयतों ने शांतिपूर्ण विरोध किया। विरोध के दौरान कंपनी के लोगों ने रैयतों पर हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। रैयतों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
लातेहार, प्रतिनिधि। बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत ओल्हेपाट ग्राम में आदिवासी रैयतों की जमीन पर जबरन कब्जे का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार को कॉल वाशरी कंपनी द्वारा रैयतों की जमीन पर जबरन कब्जा करने की नीयत से जेसीबी मशीन घुसाई गई और खुदाई कार्य प्रारंभ किया गया। जैसे ही इसकी जानकारी रैयतों को हुई उन्होंने मौके पर पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि विरोध के दौरान कंपनी से जुड़े लोगों ने गांव के ही कुछ व्यक्तियों को साथ लेकर महिला-पुरुष रैयतों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में कई महिलाएं एवं पुरुष घायल हो गए।
जान बचाकर रैयत किसी तरह वहां से भागने को विवश हुए। पीड़ित रैयतों ने इस संबंध में बालूमाथ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। रैयतों का कहना है कि कॉल वाशरी कंपनी सीएस खाता संख्या 21 के प्लॉट संख्या 24 एवं 163 की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रही है। जब भी ग्रामीण इसका विरोध करते हैं तो कंपनी द्वारा दबाव और हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। जिससे आदिवासी समाज भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। घटना की जानकारी मिलते ही आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित पांडेय बुधवार को पीड़ित ग्रामीणों से मिलने उनके आवास पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने उनके समक्ष कंपनी द्वारा किए जा रहे अत्याचार और जमीन हड़पने के प्रयास की पूरी जानकारी दी। इस दौरान कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला अध्यक्ष अमित पांडेय ने कहा की आजसू पार्टी किसी भी कीमत पर आदिवासियों के हक-अधिकार का हनन नहीं होने देगी। कॉल वाशरी कंपनी की यह मंशा कभी पूरी नहीं होने दी जाएगी। आदिवासी समाज की जमीन उनके पूर्वजों की धरोहर है। जिसे खून-पसीना बहाकर बचाया गया है। यदि कंपनी जबरन कब्जे की कोशिश करेगी तो आजसू पार्टी रैयतों के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी आजसू पार्टी एवं रैयतों द्वारा ओल्हेपाट में सरना झंडा स्थापित कर कंपनी को स्पष्ट संदेश दिया जा चुका है कि आदिवासी समाज अपनी जमीन किसी भी हालत में नहीं सौंपेगा। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट में सुनवाई लंबित है।इ सके बावजूद कंपनी द्वारा दबाव बनाना निंदनीय और कानून के विरुद्ध है। मौके पर आजसू पार्टी के प्रखंड शंकर उरांव ,आजसू जिला उपाध्यक्ष बिजेंद्र दास समेत सैकड़ों रैयत मौजूद थे।

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