जाली से महुआ संग्रह बना आय का सहारा, छिपादोहर में पहली बार महुआ उत्सव
वन विभाग ने जंगलों में आग पर रोक और ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने के लिए महुआ संग्रह की नई पहल शुरू की है। छिपादोहर में महुआ उत्सव का आयोजन किया गया, जहां महुआ की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए जाली का उपयोग किया जा रहा है।

छिपादोहर, प्रतिनिधि। जंगलों में आग पर रोक और ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग ने महुआ संग्रह की नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में सोमवार को छिपादोहर में महुआ उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीएफओ प्रजेषकांत जेना, रेंजर अजय टोप्पो, सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरि एवं मुखिया बेरोनिका कुजूर की संयुक्त उपस्थिति में हुआ।
महुआ संग्रह की प्रक्रिया
वन विभाग द्वारा महुआ पेड़ों के नीचे जाली लगाकर फूलों का संग्रह कराया जा रहा है। इससे महुआ जमीन के संपर्क में नहीं आता और उसकी गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है। पूर्व में कई जगहों पर लोग महुआ चुनने के लिए पेड़ के नीचे सफाई करने के दौरान आग लगा देते थे, जिससे जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती थीं। जाली के उपयोग से इस समस्या पर काफी हद तक रोक लगी है। इको हार्वेस्ट नामक एनजीओ द्वारा संग्रहित महुआ 80 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है, जो बाजार से लगभग दोगुना है। कार्यक्रम में महुआ से बने उत्पाद जैसे आचार और कुकीज की प्रदर्शनी भी लगाई गई। वहीं लाभुकों के खातों में महुआ की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
कार्यक्रम का महत्व
डीएफओ प्रजेशकांत जेना ने कहा कि छिपादोहर में यह पहल पहली बार प्रयोग के तौर पर शुरू की गई है। इसकी सफलता को देखते हुए अगले वर्ष इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। इससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और जंगलों में आग लगने की घटनाओं में कमी आएगी। रेंजर अजय टोप्पो ने कहा कि जाली के माध्यम से महुआ संग्रह से गुणवत्ता में सुधार के साथ जंगलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है। सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरि ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली पहल बताया। वहीं मुखिया बेरोनिका कुजूर ने कहा कि इससे गांव की महिलाओं को विशेष लाभ मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। मौके पर प्रभारी वनपाल नवीन कुमार प्रसाद, राम कश्यप, शशांक शेखर पाण्डेय, राहुल कुमार, सत्यनारायण उरांव, पंचायत समिति सदस्य दिलीप सिंह,विजय प्रसाद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद थीं।
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