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लातेहार

पहले नक्सली अब अधिकारियों की लापरवाही से नहीं हो रहा विकास

हिन्दुस्तान टीम,लातेहारPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 03:02 AM
पहले नक्सली अब अधिकारियों की लापरवाही से नहीं हो रहा विकास

महुआडांड़ प्रतिनिधि।

एक समय था जब जिले का विकास नक्सलियों के रहमों करम पर होता था। किंतु इधर कुछ सालों से नक्सली वारदात थमा तो अधिकारियों की उदासीनता भी झलकने लगी। इकलौता महुआडांड़ प्रखंड में आधा दर्जन पुल, पुलिया और सड़क नहीं होने के कारण कई गांव का विकास थप्प गया है । यह प्रखंड आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहां पर सरकार की ली गई योजनाओं में बिचौलिए हावी रहते हैं और कई विकास कार्य बिचौलियों के कारण ठप हो जाता है। विकास के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी यहां होती है।

44.68 लाख की योजना 12 सालो से अधूरी:

चटकपूर पंचायत अंतर्गत दमगाड़वा नाला एवं परेवा नदी (बूढ़ा नदी) मे पूल निर्माण के लिए रांची की एक कंपनी फ्लेक्सीकॉन इंजिनियर्स एंड प्लानर को 44.68 लाख में दो पुल का टेंडर दिया। लेकिन पुल का निर्माण नहीं करके फ्लेक्सीकॉन कंपनी ने फर्जी निर्माण दिखाया।कार्य के नाम पर दमगड़वा नाला मे पुल निर्माण शुरू की गई। उस जगह 6 गड्डे खोदे गये और गड्ढे पर सरिया लगाकर योजना मद से रुपए निकाल लिया गया। 2017 में एनपीसीसी के मैनेजर, अकाउंटेंट, इसके साथ टेंडर लेने वाली कम्पनी फ्लेक्सीकॉन इंजीनियर एंड प्लानर्स प्रोपराइटर राहुल पांडेय और पार्टनर कुणाल पर महुआडांड़ थाना में 38/17 के तहत एफआईआर दर्ज किया जाता है। लेकिन उस जगह पुल निर्माण की दूबारा कोई प्रक्रिया नही शुरू की गई।

उफनती नदी पार करना जंग लड़ने जैसा-ग्राम प्रधान:

उरंबी गांव के ग्राम प्रधान सुशील लकड़ा कहते है, बरसों से एक अदद पूल का इंतजार कर रहें हैं, लेकिन सरकारो के कान में जूं तक नहीं रेंग रहा। स्कूली छात्र एवं ग्रामीण 130 मीटर चौड़ी बूढ़ा नदी को पार करने के लिए जैसे बरसात मे जंग लड़नी पड़ती है।बाढ़ रहने पर कोई गांव मे बीमार हो जाए तो या उसकी जान चली जाती है, या वह तड़प कर रह जाता है।

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