
बिजली पोल गाड़ने के कार्य में व्यापक अनियमितता, विधायक से हस्तक्षेप की मांग
महुआडांड़ में बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए कवर तार लगाए जा रहे हैं। हालाँकि, पोल गाड़ने में अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और पोल स्थायी नहीं होंगे। स्थानीय लोग अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
महुआडांड़, प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नंगे तार हटाकर कवर तार लगाया जा रहा है। इसी क्रम में बिजली विभाग द्वारा अधिकृत संवेदक के माध्यम से सीमेंटेड विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं। हालांकि, पोल गाड़ने के कार्य में व्यापक अनियमितता बरते जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत पोल गाड़ने के दौरान विभागीय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। पोल के लिए बनाए गए गड्ढों में निर्धारित गहराई तक पोल स्थापित करने के बजाय केवल मिट्टी का भराव कर ऊपर से तीन से चार इंच पीसीसी ढ़लाई कर दी जा रही है, जो तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं मानी जा रही हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पोल गाड़ने के समय मौके पर न तो कोई जेई और न ही कोई तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहते हैं। संवेदक मनमाने ढंग से कार्य करा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह लगाए गए पोल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होंगे और भविष्य में इनके गिरने से बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसे लेकर ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त है। इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि कहीं-कहीं ढलाई कम है ,तो कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कार्य की जांच कराई जाएगी और जहां भी कमियां पाई जाएगी,वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने विधायक रामचंद्र सिंह सहित विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर इस पर रोक लगाने तथा मानक के अनुरूप विधिवत पोल गड़ाई कराने की मांग की है।

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