
जिले में उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में हुए सराहनीय पहल
लातेहार जिले में 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग ने छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कई पहलें की हैं। 1,31,462 बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं, जिससे पढ़ाई में सहायता मिली। हालांकि, शिक्षकों की कमी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए और कदम उठाए जाएंगे।
लातेहार प्रतिनिधि। जिले में उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कई महत्वपूर्ण और सराहनीय पहलें की गई हैं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना, उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना तथा व्यवहारिक और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा के लिए तैयार करना है। शिक्षा विभाग द्वारा किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे जिले की शैक्षणिक उपलब्धियां राज्य स्तर पर उल्लेखनीय रही हैं।शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिले के कुल 1,31,462 बच्चों के बीच पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया, जिससे समय पर पढ़ाई सुनिश्चित हो सकी। वहीं कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत कुल 1,10,925 छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग का वितरण किया गया, जिससे बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हो पाई।
परीक्षा परिणामों की बात करें तो शैक्षणिक सत्र 2025 की इंटर (विज्ञान) परीक्षा में जिले से कुल 1,044 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें से 919 छात्र-छात्राएं सफल हुए। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर लातेहार जिले ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी तरह इंटर (वाणिज्य) परीक्षा में कुल 169 छात्र-छात्राएं शामिल हुए और सभी 169 छात्र-छात्राएं सफल रहे, जिससे इस संकाय में भी लातेहार जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इंटर (कला) परीक्षा में कुल 6,105 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें से 5,985 सफल हुए और जिले को राज्य स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त हुआ। मैट्रिक परीक्षा 2025 में कुल 11,122 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें से 10,707 छात्र-छात्राएं सफल हुए तथा जिले ने राज्य में चौथा स्थान हासिल किया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 173 विद्यालयों में आईसीटी शिक्षा तथा 135 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित की जा रही है, जिससे लगभग 35,000 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत सामान्य वर्ग के कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत 2,138 छात्र-छात्राओं के खाते में छात्रवृत्ति की राशि हस्तांतरित की गई। वहीं सामान्य वर्ग के कक्षा 8 में अध्ययनरत 364 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल का वितरण किया गया, जिससे उनकी विद्यालय तक पहुंच सुगम हुई है। -------------------------------------- अधूरी रह गई ख्वाहिशें 1- शिक्षकों की नियुक्ति कर कमी दूर करने का कार्य रहा अधूरा 2-दो मॉडल डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। 3-कॉलेज में शिक्षकों के पद को नहीं भरा जा सका 4-कई उच्च विद्यालय में कक्षा समेत पुस्ताकलय का निर्माण रहा अधूरा 5-कई विद्यालय के भूमि को अतिक्रमण भुक्त कराना बाकी हैं --------------------------------------------------- नई साल की उम्मीदें जिले में माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा कई अहम पहल करने की योजना तैयार की गई है। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे उच्च विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि पठन-पाठन बाधित न हो और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इसके अलावा जिले के गोवा गांव में अवस्थित मॉडल डिग्री कॉलेज तथा विशुनपुर स्थित डिग्री कॉलेज में लंबे समय से रिक्त पड़े शिक्षक पदों पर बहाली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। कॉलेजों में शिक्षक उपलब्ध होने से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को विषयवार मार्गदर्शन मिलेगा और जिले के छात्रों को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।शिक्षण संस्थानों के भौतिक विकास के लिए डीएमएफटी की राशि से आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके तहत कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण पर कार्य किया जाएगा। विद्यार्थियों के अध्ययन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में स्टडी टेबल, पुस्तकालय, संदर्भ पुस्तकों तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। फोटो-3-लातेहार का विशुनपुर स्थित डिग्री कॉलेज

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