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ग्रामीणों के विरोध के बाद कुजुरुम के ग्रामीणों का विस्थापन रुका

ग्रामीणों के आंदोलन और आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने कुजुरूम गांव के ग्रामीणों का विस्थापन को तत्काल रोकने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उप...

ग्रामीणों के विरोध के बाद कुजुरुम के ग्रामीणों का विस्थापन रुका
हिन्दुस्तान टीम,लातेहारFri, 21 Jun 2024 11:30 PM
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लातेहार,संवाददाता। ग्रामीणों के आंदोलन और आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने कुजुरूम गांव के ग्रामीणों का विस्थापन को तत्काल रोकने का निर्णय लिया है। इस संबंध में उप निदेशक पलामू व्याघ्र परियोजना दक्षिण प्रमंडल ने मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक को पत्र भी लिखा है। पत्र में लिखा है कि कुजुरुम के ग्रामीणों को पहले लाई-पैलापाथल में पुनर्वास किया जाना था लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद पोलपोल कला में किया गया,कुछ ग्रामीण यहां आए भी,ग्रामीणों की सहमति के बाद ही इस गांव में विस्थापित किया जा रहा था लेकिन कुछ ग्रामीण फिर से विरोध करना शुरू कर दिए। ग्रामीणों के विरोध के बाद उन्हें बताया गया कि पुनर्वास आम सहमति के बाद ही होता है। अतः जो ग्रामीण पुनर्वास के लिए सहमत नही है उनकी सूची ग्राम प्रधान लल्लू उरांव से मांग की गई है ताकि पुनर्वास वालों को छोड़ शेष लोगों राशि विभाग को वापस किया जा सके।

जंगल विकसित करने के लिए कुजुरुम गांव जरूरी

वन विभाग जंगल को विकसित करने के लिए कुजुरुम गांव को खाली करा रहा है,ताकि जंगल को बढ़ाया जा सके। यह क्षेत्र बाघ बसाने के लिए उपयुक्त भी है। इस गांव में करीब 56 परिवार रहते है,जिन्हे विस्थापित कर इसे जंगल बनाना चाहता है। इस गांव में कोई भी सरकारी योजना संचालित नहीं होती है लेकिन इन सब के बाबजूद कुछ ग्रामीण गांव छोड़ने को तैयार नहीं है।

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