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लातेहार

सदर अस्पताल पर खर्च करोड़ों, पर मरीजों के लिए सुविधा नदारद

हिन्दुस्तान टीम,लातेहारPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 03:02 AM
पर मरीजों के लिए नहीं बढ़ी सुविधा 
घर के मलबे में दब कर घायल हुए मरीजों को एक्सरे के लिए करना पड़ा घंटो इंतजार
बिजली विभाग के रहमो करम पर टीकी...
1 / 2पर मरीजों के लिए नहीं बढ़ी सुविधा घर के मलबे में दब कर घायल हुए मरीजों को एक्सरे के लिए करना पड़ा घंटो इंतजार बिजली विभाग के रहमो करम पर टीकी...
पर मरीजों के लिए नहीं बढ़ी सुविधा 
घर के मलबे में दब कर घायल हुए मरीजों को एक्सरे के लिए करना पड़ा घंटो इंतजार
बिजली विभाग के रहमो करम पर टीकी...
2 / 2पर मरीजों के लिए नहीं बढ़ी सुविधा घर के मलबे में दब कर घायल हुए मरीजों को एक्सरे के लिए करना पड़ा घंटो इंतजार बिजली विभाग के रहमो करम पर टीकी...

लातेहार संवादाता।

सदर अस्पताल को सजाने संवारने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। किंतु मरीजों की सुविधा के लिए बिजली तक की व्यवस्था नहीं है। जबकि अस्पताल में बड़े-बड़े उपकरण की खरीदारी कर ली गई है। करोड़ों खर्च के बाद इन उपकरणों को सही ढंग से रखने के लिए बिजली की व्यवस्था नहीं है। हालांकि अस्पताल में लाखों रुपए का हैवी जनरेटर भी रखा हुआ है। कहा जाए तो सब बेकार पड़े हैं। शनिवार को अस्पताल में भारी अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। एक मरीज को एक्स-रे कराना था। 4 घंटे तक मरीज एक्सरे के लिए इधर-उधर भटकता फिर रहा था। यहां बता दें कि यह वहीं घायल मरीज था जिनकी दो नन्हे बच्चे की मौत घर गिरने से हो गई और इन बच्चों के माता-पिता जख्मी हो गए। बाद में काफी जद्दोजहद के बाद समाजसेवी अशोक सिंह, भाजपा नेता पंकज सिंह, मिंकु गुप्ता ,पवन कुमार के अथक प्रयास के बाद घायल का एक्सरे कराया गया।

दिखी प्रशासनिक उदासीनता

सदर प्रखंड के कुल गड़ा गांव में घर गिरने से बच्चे की मौत के बाद प्रशासनिक उदासीनता दिखाई दी। घायल को देखने के लिए 11:00 बजे सदर बीडीओ अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल में वे घायल का कुशल क्षेम पूछने के बजाय बाहर निकल कर मुखिया से बात कर निकल गए। बीडीओ ने यह भी जानने का प्रयास नहीं किए कि घायल मरीज का एक्स-रे क्यों नहीं हो रहा। सुबह सात बजे घायल सदर अस्पताल पहुंच गए थे। परंतु बीडीओ को छोड़ कर कोई भी अधिकारी या बड़े जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार का हाल भी जानने नहीं पहुंचे।बाद में इसकी जानकारी सीएस को दी गयी। उसके बाद सीएस के निर्देश पर डीडीएम वेद प्रकाश अस्पताल आए । परंतु बिजली नहीं रहने के कारण वे कुछ भी नहीं कर सके। बाद में भाजपा नेता पंकज सिंह ने बिजली विभाग के जेई को फोन कर बिजली आपुर्ति करवाने की अपील की। जिस पर जेई ने त्वरित कार्य करते हुए तत्काल बिजली चालू करवायी। उसके बाद घायल का एक्सरे कराया गया। इसके बाद दो नन्हे बच्चों के पोस्टमार्टम के बाद उन्हें घर तक पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध कराया। अस्पताल में एकमात्र चिकित्सक थे जो ओपीडी भी देख रहे थे और इमरजेंसी भी।

बिजली विभाग के रहमोकरम पर चलती है अस्पताल

बिजली रही तो अस्पताल का सिस्टम चलेगा ,अन्यथा दूसरा कोई उपाय नहीं है। अस्पताल में लाखों रुपए का जनरेटर है। बिजली के लिए सोलर सिस्टम लगाया गया है। किंतु घटिया आपूर्ति और रखरखाव के अभाव में वह भी मरणासन्न हो गया है। बिजली की व्यवस्था पर टिकी अस्पताल के उपकरण भी धीरे-धीरे जंग खाने लगे हैं।

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