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नहाय-खाय के साथ चार दिनी छठ महापर्व आज से शुरू

नहाय-खाय के साथ चार दिनी छठ महापर्व आज से शुरू

संक्षेप:

लातेहार में चार दिनी छठ महापर्व की शुरुआत नहाए खाए से हो रही है। श्रद्धालु रविवार को उपवास रखकर खरना का नेम करेंगे। सोमवार को अस्ताचलगामी और मंगलवार को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देंगे। बाजार में पूजा...

Oct 25, 2025 06:33 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लातेहार
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लातेहार, प्रतिनिधि। लोक आस्था का चार दिनी धार्मिक अनुष्ठान छठ महापर्व नहाए खाए के साथ आज से शुरू हो जाएगा। व्रती रविवार को विधिवत उपवास रख रात में खरना का नेम करेंगे। उसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा। सोमवार को अस्ताचलगामी और मंगलवार (28 अक्टूबर) को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दान के साथ चार दिनी धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। इधर छठ पूजा को लेकर शहर के बाजार में पूजन-सामग्रियों की दुकानें पूरी तरह से सज चुकी हैं। श्रद्धालुओं ने महंगाई की परवाह किए बिना बाजार में सूप-दउरा,नारियल, पंखा,मिट्टी से बने चूल्हे-बर्तन, नया गुड़,अरवा चावल सहित अन्य पूजन-सामग्रियों की खरीदारी शुरू कर दी है।

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नतीजतन सामग्रियों की खरीदारी को लेकर उन दुकानों पर शुक्रवार को ठसाठस भीड़ देखी गई। इधर सूप-दउरा के कारोबारी नरेश प्रजापति और मनोज यादव ने इस वर्ष महाव्रत के मौके पर सूप 200 रु जोड़ा,दउरा आकर के अनुसार 300 रु से लेकर 800 रु प्रति जोड़ा,बांस पंखा 20 रु पीस की दर से बेचे जाने की बात बताई। वहीं बाजार में श्रद्धालुओं को रवा और ढेला वाला नया गुड़ 80 रु,लाल गेंहू 40 रु प्रति किलो तथा नारियल 50 रु जोड़ा की दर से खरीदारी करते देखा गया। जबकि किराना दुकानदार संजय प्रसाद,भगवान प्रसाद आदि ने खरना के लिए नया अरवा चावल 65 से 70 रु प्रति किलो एवं पुराना 40 से 45 रु प्रति किलो चना दाल 110 रु प्रति किलो के भाव से बेचे जाने की बात कही। इधर सब्जी और फल विक्रेता उमेश गोस्वामी,सकेंद्र प्रसाद, सुधीर कुमार आदि ने कद्दू (लौकी) और शक्करकंद 50 से 60 रु प्रति किलो,सेव 200 रु किलो और केला 60 रु दर्जन बेचे जाने की बात बताई। इसदिन अधिकांश छठ व्रती पीतल का सूप-दउरा,खरना का प्रसाद बनाने के लिए पीतल का हांडी,बरहगूणा,बाल्टी,कलछूल, छोलनी आदि बर्तनों की खरीदारी करते दिखे। वहीं खरना के महाप्रसाद के लिए कई लोगों को गोपालकों के घरों और डेयरी फार्म में दूध के लिए एडवांस बुकिंग कराते देखा गया। यहां बता दें कि छठव्रती हरेक वर्ष कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि को स्नान-ध्यान के बाद लहसुन- प्याज रहित कद्दू का सब्जी,चना दाल और अरवा चावल का भात खाकर सूर्योपासना का चार दिनी धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत करते हैं। इसमें पूरे जिले में पांच हजार लीटर से अधिक दूध की खपत होती है। बहरहाल सोमवार को जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंड के बाजारों में छठ महापर्व पर चहल-पहल का माहौल रहा और श्रद्धालुओं ने महंगाई की परवाह किए बिना काफी श्रद्धा और उल्लास के साथ पूजन-सामग्रियों की खरीदारी करते दिखे।