21 पड़हा राजा चटकपूर के पड़हा स्थल पर हुए एकत्र आदिवासी परंपरा को बचाने का लिया संकल्प
महुआडांड़ के चटकपुर पंचायत के गोठगांव में 21 पड़हा स्थल पर जतरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत पड़हा राजा ने भूमि पूजन के साथ की। जेरोम जेराल्ड कुजूर ने आदिवासी संस्कृति और पेसा कानून की जानकारी दी। उन्होंने आदिवासियों से जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने की अपील की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

महुआडांड़ प्रतिनिधि। प्रखंड के चटकपुर पंचायत के ग्राम गोठगांव के 21 पड़हा स्थल पर जतरा का आयोजन सोमवार को किया गया। पड़हा राजा द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत कर आदिवासी परम्परा के अनुसार भूमि पूजन कर किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जेरोम जेराल्ड कुजूर ने ग्राम सभा और पेसा कानून के बारे जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासी ही प्रकृति के रक्षक हैं,और हमारी संस्कृति ही आदिवासी की पहचान है। इसलिए जल जंगल व जमीन की रक्षा करें। साथ ही आदिवासी परमपरा को बचाने के लिए हर आदिवासी को एकत्रित होकर समाज को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में आसपास के विभिन्न गांवों नृत्य प्रतियोगिता में भाग लिया। मंच का संचालन चटकपूर युथ ने किया। मौक पर बैगा पहान, ग्राम प्रधान, कई मुखिया प्रतिनिधि व कई लोग मौजूद थे। कार्यक्रम पड़हा राजा समिति के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
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