नेतरहाट में नोटिस के बाद भी निर्माण, इको-सेंसिटिव जोन पर उठे सवाल रोक के बाद फिर से शुरू हुआ काम,तीन दर्जन निर्माणाधीन भवनों पर लगा था रोक प्रशासनिक कार्रवाई पर उठने लगे सवाल मनीष उपाध्याय

Mar 02, 2026 02:26 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लातेहार
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नेतरहाट में इको-सेंसिटिव जोन के तहत प्रशासनिक कार्रवाई अब चर्चा का विषय बन गई है। तीन दर्जन से अधिक निजी आवासों और होटलों को निर्माण रोकने का नोटिस दिया गया है। स्थानीय लोग एकरूपता और स्पष्टता की मांग कर रहे हैं, जबकि पर्यटकों और रोजगार पर असर की चिंता जताई जा रही है।

नेतरहाट में नोटिस के बाद भी निर्माण, इको-सेंसिटिव जोन पर उठे सवाल  रोक के बाद फिर से शुरू हुआ काम,तीन दर्जन निर्माणाधीन भवनों पर लगा था रोक  प्रशासनिक कार्रवाई पर उठने लगे सवाल  मनीष उपाध्याय

लातेहार संवाददाता । नेतरहाट में इको-सेंसिटिव जोन के तहत की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। पर्यटन क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक निजी आवासों और होटलों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया गया था। संचालित होटलों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि इको-सेंसिटिव जोन में उनका निर्माण किन अनुमतियों के आधार पर हुआ। इसी क्रम में चौठा बड़ाईक को लगभग 12 हजार वर्गफीट के दो मंजिला भवन निर्माण पर नोटिस देकर काम रोकने को कहा गया था। बताया जाता है कि प्रथम तल की ढ़लाई के बाद दूसरे तल की तैयारी चल रही थी।

हाल में मुख्य सड़क किनारे निर्माण गतिविधि देखे जाने की जानकारी सामने आई है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई हो रही है। ------------------------------ कार्रवाई में एकरूपता को लेकर उठे प्रश्न पूर्व में एसडीएम के आवेदन पर नेतरहाट थाना में होटल निर्माण से जुड़े एक मामले में प्रदीप साहू तथा निजी आवास निर्माण को लेकर हेमंत प्रसाद पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हेमंत प्रसाद का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य रोक दिया था, फिर भी उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ। ऐसे में कुछ लोगों का कहना है कि कार्रवाई की प्रक्रिया में स्पष्टता और एकरूपता आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने। ------------------------ चर्चाओं का बाजार गर्म, आधिकारिक पुष्टि नहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ निर्माण कार्यों को लेकर अंदरखाने मैनेजमेंट की बातें कही जा रही हैं। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पारदर्शिता की मांग तेज हो रही है। ------------------------------ पर्यटन और आजीविका पर प्रभाव की चिंता नेतरहाट पर्यटन आधारित क्षेत्र है और बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में निर्माण गतिविधियां होती रही हैं। अब सख्ती बढ़ने से निवेश और रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका के संतुलन की दिशा में ठोस पहल की मांग की है। ---------------------- क्या कहते हैं एसडीओ इस संबंध में एसडीओ बिपिन कुमार दुबे ने बताया कि सौदा बड़ार्इक को नियमतः सुनवाई के बाद कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है। साथ ही स्थानीय खातियानी रैयत को एक किलोमीटर की परिधि से बाहर कार्य करने की अनुमति दी गई है। फोटो- 8- इको-सेंसिटिव जोन में रोक के बावजूद निर्माणाधीन भवन

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