Kodarma News: मांगलिक कार्यों पर लगा ब्रेक, अब चार माह बाद शुरू होंगे शुभ कार्य
Kodarma News: कोडरमा जिले में मांगलिक कार्यों पर अगले चार महीनों के लिए विराम लग गया है। 16 जून से शुरू हुए वैवाहिक सीजन की समाप्ति के साथ बाजारों में सन्नाटा है। गुरु के वृद्ध होने और चातुर्मास के कारण शुभ मुहूर्त नहीं है। नवंबर में फिर से विवाह कार्य शुरू होंगे।

Kodarma News: कोडरमा, वरीय संवाददाता
जिले में बैंड-बाजा, बारात और शहनाइयों के शोर पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। सनातन धर्म में पवित्र माने जाने वाले मांगलिक कार्यों पर अगले चार महीनों के लिए विराम लग जाने के कारण अब न तो शादियों की धूमधाम दिखेंगी और न ही नए घरों में गृह प्रवेश के मंत्र गूंजेंगे। अधिक मास की समाप्ति के बाद 16 जून से शुरू हुआ वैवाहिक सीजन संपन्न हो गया। शुभ दिनों के अभाव के कारण कोडरमा और झुमरीतिलैया जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों से लेकर व्यापारिक मंडियों तक में अचानक सन्नाटा पसर गया है।
विवाह के शुभ मुहूर्त
वर्तमान में गुरु यानी बृहस्पति के वृद्ध होने के कारण आगामी 24 जुलाई तक शादियों के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। इसके तुरंत बाद, 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है, जिसमें भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में सभी प्रकार के मांगलिक व शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है। अब अगले चार महीनों तक जिले में शहनाइयों की गूंज सुनाई नहीं देगी और सीधे नवंबर महीने में देवउठनी या देवोत्थान एकादशी के बाद ही दोबारा मंगल कार्य शुरू हो सकेंगे।
बाजार पर प्रभाव
मांगलिक दिनों के खत्म होने का सबसे सीधा और बड़ा असर झुमरीतिलैया के स्थानीय बाजारों पर पड़ा है। कपड़े, जेवरात, बर्तन और कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। शहर के कपड़ों और आभूषणों के बड़े शोरूम्स में ग्राहकों की संख्या न के बराबर रह गई है। शादी-विवाह में भारी मात्रा में होने वाली खरीदारी अचानक रुकने से दैनिक टर्नओवर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अब अगले चार महीनों तक बाजार में मंदी का माहौल रहेगा और केवल दशहरा तथा दीपावली आदि पर्व-त्योहारों के सहारे ही कुछ राहत की उम्मीद की जा सकती है।
चातुर्मास के बाद
चातुर्मास की समाप्ति के बाद साल के आखिरी महीनों में फिर से शादियों की धूम लौटेगी। चार महीने के लंबे इंतजार के बाद शुभ विवाह के लिए मुख्यत: नवंबर में पांच तथा दिसम्बर माह में भी पांच तिथियां होंगी। यानी कुल 10 शुभ मुहूर्त में शादी-विवाहादि संस्कार पूर्ण किए जाएंगे।
माह विवाह के शुभ मुहूर्त (तिथियां)
नवंबर 20, 21, 24, 25 और 26
दिसंबर 2, 5, 9, 10, 11 और 12


