
वार्ड 20 में सड़क पर बहती है नाली, पैदल चलना भी दुश्वार
कोडरमा में नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है। चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी जोरों पर है, जबकि वार्ड की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। नालियों का जलजमाव, खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट की कमी और साफ-सफाई की व्यवस्था में खामियां प्रमुख मुद्दे हैं।
कोडरमा हमारे प्रतिनिधि नगर निकाय चुनाव की घोषणा की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे संभावित प्रत्याशियों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। सभी की नजरें अब राज्य निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं कि आखिर चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा कब होगी। संभावित प्रत्याशी प्रतिदिन इसी उम्मीद में हैं कि तिथि घोषित होते ही वे पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर सकें। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। प्रत्याशियों की “बैटिंग” अभी से शुरू हो गई है और सोशल मीडिया इसके लिए सबसे बड़ा मंच बन गया है।
फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से संभावित प्रत्याशी खुद को जनसेवक के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं और अपनी उपलब्धियां गिना रहे हैं। जिस वार्ड की चर्चा हो रही है, वह पिछली बार महिला आरक्षित सीट थी। इस सीट से पार्वती देवी ने जीत दर्ज की थी, जबकि प्रमिला देवी उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में चुनाव मैदान में थीं। हालांकि प्रतिनिधि बदलते रहे, लेकिन वार्ड की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। यह वार्ड बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी नालियां आज निकासी के अभाव में जमींदोज हो चुकी हैं। नाली का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्ट्रीट लाइट की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। कई इलाकों में रात के समय अंधेरा छाया रहता है, जिससे दुर्घटनाओं और असुरक्षा की आशंका बनी रहती है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहद खराब है। जगह-जगह कचरे का ढेर वार्डवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं पेयजलापूर्ति योजना के तहत अच्छी-खासी सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे सड़कें बदहाल हो गई हैं। भौगोलिक दृष्टि से भी यह वार्ड काफी महत्वपूर्ण है। यह नेशनल हाईवे रांची-पटना रोड को छूता हुआ सतपुलिया क्षेत्र से होते हुए महतोहरा तक फैला हुआ है। अंदर जाने के बाद यह वार्ड फिर से नेशनल हाईवे को टच करता है। इस लंबे-चौड़े और घनी आबादी वाले वार्ड में कुल 2905 मतदाता हैं, जिनमें 1465 पुरुष और 1439 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण यह वार्ड राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आगामी नगर निकाय चुनाव में जनता समस्याओं को मुद्दा बनाकर किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है। वार्ड की पांच प्रमुख समस्याएं इस वार्ड में नाली के निकासी नहीं होने के कारण जलजमाव की स्थिति बरसात के दिनों में हो जाती है। सड़कें जर्जर अवस्था में हैं। आए दिन राहगीरों को इससे परेशानी होती है। स्ट्रीट लाइट की हालत बेहद खराब है। आजतक लोग इसके लिए गुहार लगाते रहे। साफ सफाई का अभाव रहने से लोगों को परेशानी होती है। सुननेवाला कोई नहीं है। सड़कों पर से कचरे का उठाव नहीं होता है। इससे हर ओर गंदगी पसरी है। लोगों के पांच सुझाव पूरे वार्ड में स्ट्रीट लाइट को मुकम्मल किया जाना चाहिए। कई जगह पर स्ट्रीट लाइट की जरूरत है। पेयजलापूर्ति योजना के अंतर्गत पाइपलाइन के लिए जो सड़क खोदी गई है, उसे जर्जर स्थिति में छोड़ दिया गया है, उसकी मरम्मत होनी चाहिए। वार्ड में साफ सफाई का अभाव है। नियमित सफाई होनी चाहिए। सड़क से कचरे का उठाव होना चाहिए। करोड़ों की लागत से नाली बनाई गई थी लेकिन निकासी नहीं होने का कारण वह जमीदोंज हो गयी है। इसका उपाय करना चाहिए। कई पीसीसी सड़क खराब हो गयी है। इसकी मरम्मत होनी चाहिए, ताकि आवागमन में परेशानी नहीं हो। बॉक्स के लिए पेयजल वार्ड 20 में पेयजल आपूर्ति के लिए जलापूर्ति योजना के तहत पाइपलाइन बिछा दी गई है, जिससे अधिकांश घरों तक पानी पहुंच रहा है। वर्तमान में पानी की आपूर्ति सामान्य रूप से होती है, हालांकि कुछ इलाकों में समय और दबाव को लेकर लोगों को परेशानी होती है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने पर आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित निगरानी और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। जलापूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। सड़क वार्ड 20 में सड़कों की स्थिति काफी खराब है और अधिकांश सड़कों को मरम्मत की सख्त जरूरत है। मुख्य सड़कों के साथ-साथ गली-मुहल्लों में बनी पीसीसी सड़कें भी जर्जर अवस्था में हैं। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार सड़क मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्ट्रीट लाइट वार्ड नंबर 20 में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बेहद कमजोर है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगी ही नहीं है, जबकि जहां लगी भी है, वहां अधिकांश लाइटें खराब या फ्यूज पड़ी हुई हैं। रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और असुरक्षा की भावना भी बनी रहती है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समय पर स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और नई लाइटों की स्थापना की जाए तो वार्ड में सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार हो सकता है। साफ-सफाई वार्ड नंबर 20 में साफ-सफाई की स्थिति काफी खराब बनी हुई है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे बदबू और मच्छरों की समस्या उत्पन्न हो रही है। कूड़े-कचरे का समय पर उठाव नहीं होने से सड़क किनारे गंदगी का ढेर लगा रहता है। इससे लोगों को बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर सफाई कर्मियों की नियमित तैनाती और कचरा उठाव की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, तो वार्ड की स्वच्छता में काफी सुधार आ सकता है। यहां से ध्यान रखिएग क्या बोले तत्कालीन वार्ड पार्षद के जगह इसको लिखना है। क्या बोले तत्कालीन उपाध्यक्ष वार्ड में काफी विकास हुआ है। पार्वती देवी अपने कार्यकाल के दौरान एक्टिव रहीं। जनसवालों को हमेशा उठाती रही हैं और उनके लिए लगातार काम करती रही हैं। संतोष यादव, तत्कालीन उपाध्यक्ष प्रतिद्वंदी प्रत्याशी बोले फिलहाल वार्ड में समस्याएं काफी हैं। वार्ड में सड़कों की स्थिति खराब है। स्ट्रीट लाइट की मरम्मत होनी चाहिए। पिछले एक सप्ताह से कचरा उठाने वाली गाड़ी आ रही है। लेकिन सड़क का कूड़ा हर ओर बिखरा रहता है। हमेशा गंदगी फैली रहती है। प्रमिला देवी, प्रतिद्वंद्वी क्या बोले स्थानीय निवासी “नाली तो बनाई गई है, लेकिन उसकी निकासी नहीं दी गई। इसी वजह से नाली का पानी सड़क पर बहता रहता है और बरसात के दिनों में जलजमाव की गंभीर समस्या हो जाती है। स्ट्रीट लाइट की स्थिति भी बेहद खराब है।” - दिनेश सिंह, स्थानीय निवासी “स्ट्रीट लाइट काफी समय से खराब पड़ी है और जलती ही नहीं। रात के समय आने-जाने में भारी परेशानी होती है। कोई देखने वाला नहीं है, नई स्ट्रीट लाइट लगाने की जरूरत है।” - राजकुमार शर्मा, स्थानीय निवासी “नालियां जर्जर हालत में हैं और कई जगह अधूरी बनी हुई हैं। इसके कारण सड़क पर पानी बहता रहता है, जिससे सड़कों की हालत भी खराब हो गई है।” - रणजीत सिंह, स्थानीय निवासी “साफ-सफाई की स्थिति बहुत खराब है। नगर परिषद टैक्स तो लेती है, लेकिन सफाई के लिए नहीं आती। एक सप्ताह से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी आ रही है, लेकिन वह सड़कों से कचरा नहीं उठाती।” - सिकंदर वर्मा, स्थानीय निवासी

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