Kodarma News: जिंदगी की जंग में हारा घायल जवान नरेश, तिरंगे के साथ गांव पहुंचा पार्थिव, हजारों लोगों की उमड़ी भीड़

हिन्दुस्तान, कोडरमा
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Kodarma News: धनबाद के बरवाअड्डा में सड़क दुर्घटना में घायल आरक्षी नरेश कुमार की शुक्रवार को मौत हो गई। गाँव में मातम छा गया है। उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए। रांची रिम्स में पोस्टमार्टम के बाद, उन्हें हजारीबाग में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। नरेश की पत्नी और माँ की स्थिति गंभीर है।

Kodarma News: जिंदगी की जंग में हारा घायल जवान नरेश, तिरंगे के साथ गांव पहुंचा पार्थिव, हजारों लोगों की उमड़ी भीड़

Kodarma News: चंदवारा, निज प्रतिनिधि। धनबाद के बरवाअड्डा में सड़क दुर्घटना में जवानों से भरी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसमें घायल तिलैया डैम ओपी क्षेत्र के बड़कीधमराय निवासी आरक्षी नरेश कुमार(38 वर्ष,पिता रामसहाय यादव) आखिरखार जीवन की जंग में हार गया। शुक्रवार की सुबह 4 बजे उनका इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर गांव में फैलते हीं पूरा गांव शोक में डूब गया और सभी के पांव उनके घर की ओर चल गये। घर के पास हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और जवान नरेश की एक झलक पाने के लिए सभी ललाहित रहे। रांची रिम्स में उनका पोस्टमार्टम होने के बाद हजारीबाग में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद शाम करीब 4.30 बजे उनका पार्थिव शरीर गांव बड़कीधमराय पहुंचा。

तिरंगे झंडे के साथ सुज्जलित पुलिस वाहन में घर पहुंचा पार्थिव शरीर

तिरंगे झंडा के साथ सुज्जलित पुलिस वाहन में आरक्षी नरेश यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। उनके पार्थिव शरीर को करीब एक किलोमीटर तक पूरे सम्मान के साथ नरेश यादव अमर रहे, जब तक सूरज-चांद रहेगा नरेश तेरा नाम रहेगा के सम्मान के साथ ला गया। उनके वाहन के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ चल रही थी।

पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष व बकट्ठा विधायक पहुंचे

घायल आरक्षी की मौत की खबर पाकर बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रो. जानकी प्रसाद यादव मृतक जवान के घर पहुंचे। घटना पर शोक जताते हुए मृतक आरक्षी के परिजन को सांत्वना दिया व दु:ख के इस घड़ी में धैर्य रखने की बात कही। स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया। शव यात्रा में हजारों कीक संख्या में लोग शामिल हुए।

परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

आरक्षी जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां व पत्नी की स्थिति काफी खराब थी। परिजन के इन हालत को देख वहां मौजूद सभी के आंख झलक गई।

2011-12 में लगी नौकरी जानकारी के अनुसार नरेश कुमार का झारखंड पुलिस में वर्ष 2011-12 में आरक्षी के रूप में नौकरी लगी थी। उनका पहला पोस्टिंग डाल्टनगंज में हुआ था। वे वर्तमान में चलकुशा थाना में पदस्थापित हैं। उनका एक बेटा अंश कुमार है, जो स्थानीय एक स्कूल में कक्षा 8 का छात्र है। उनका बड़ा भाई दिनेश यादव किसान हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आरक्षी नरेश कुमार की उम्र कितनी थी?
आरक्षी नरेश कुमार की उम्र 38 वर्ष थी।
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