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28 नवंबर, 2020|5:13|IST

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रात्रि ड्यूटी भत्ता के सीलिंग लिमिट के विरोध में भूख हड़ताल पर रहे स्टेशन मास्टर्स

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ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन(आइस्मा) के आह्वान पर रात्रि ड्यूटी भत्ता के सीलिंग लिमिट के विरोध को लेकर चल रहे चरणबद्ध स्टेशन मास्टरों के हड़ताल के तहत 31 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक भूख हड़ताल पर रहे। गौरतलब है कि रेलवे प्रशासन द्वारा 43 हजार 600 रुपये से अधिक बेसिक पे वाले कर्मचारियों का रात्रि ड्यूटी भत्ता बंद कर दिया गया है। साथ ही यह नियम जुलाई 2017 से प्रभावी करने और जुलाई 2017 के बाद किए गए भत्ता के भुगतान की रिकवरी का आदेश दिया गया है। इसी को लेकर ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स ने 15 अक्टूबर को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

इसी के आंदोलन के तहत पूर्व में स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी में मोमबत्ती जलाकर व काला सप्ताह के तहत काली पट्टी बांधकर विरोध जता चुके हैं। एसोसिएशन के लायजन सेक्रेटरी मनोज गुप्ता ने कहा कि सरकार अगर इस अन्यायपूर्ण आदेश को वापस नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कोरोना जैसे महामारी में भी अपनी जान जोखिम में डालकर कर्मी दिन-रात तत्परता व संजिदगी के साथ अपने कर्तव्य को निभाया, इसके बावजूद भी सरकार हमलोगों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार रात्रि भत्ता नहीं दे सकती है तो रात्रि ड्यूटी भी न कराएं। उन्होंने कहा कि बेसिक पे की जो ₹43 हजार 600 की सीलिंग लगाई है, सिर्फ उसी बेसिक तक के कर्मचारियों से रात्रि ड्यूटी कराई जाए। भूख हड़ताल में विकास चंद्र यादव ब्रांच सचिव गझंडी, अंशुमान नंदन,बीएन कुमार,देवेंद्र कुमार,चंदन कुमार समेत सभी ऑन ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी स्टेशन मास्टर शामिल थे।

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  • Web Title:Station Masters on hunger strike to protest sealing limit of night duty allowance