दूसरे दिन भी हाथी का कहर जारी, आधा दर्जन मवेशियों को मार डाला
कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल ही में हाथियों ने दो लोगों की जान ली और कई मवेशियों को मार डाला। ग्रामीण रातभर जागकर अपनी रक्षा कर रहे हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और वे प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वन विभाग स्थिति की निगरानी कर रहा है।

कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। बीते दो दिनों में हाथियों ने जहां दो लोगों की जान ले ली, वहीं करीब आधा दर्जन मवेशियों को भी मार डाला है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात कोडरमा के बोनाकाली और मरियमपुर क्षेत्र में हाथियों ने दो लोगों को कुचलकर मार दिया था। इसके बाद गुरुवार रात हाथी फिर सक्रिय हो गए और कोडरमा प्रखंड के झरीटांड़ और खरीडीह गांव में घुसकर करीब पांच मवेशियों को मार डाला।
ये मवेशी गौशाला और घरों के बाहर बंधे हुए थे। इसके अलावा हाथियों ने कुछ फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।हाथियों के लगातार उत्पात से ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है। लोग रात-रात भर जागकर मशाल और आग जलाकर गांव की रखवाली कर रहे हैं। इस घटना से खासकर गरीब किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। झरीटांड़ निवासी तुलसी यादव ने बताया कि गुरुवार देर रात करीब 1 बजे हाथी गांव में घुस आए और उनके मवेशियों को मार डाला। उन्होंने कहा कि वे एक साधारण किसान हैं और पशुपालन ही उनके जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है। ऐसे में इस नुकसान से वे पूरी तरह टूट गए हैं और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि हाथी अभी भी आसपास के क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक ही हाथी इन घटनाओं के पीछे हो सकता है। वन विभाग हाथी को भगाने में सफलता नहीं मिल पाई है।
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