तांबे के बने पात्रों की कीमतों में दोगुना इजाफा
कोडरमा में पूजा सामग्रियों के दाम आसमान छू रहे हैं। एक माह में तांबे और पीतल की वस्तुओं की कीमत में काफी वृद्धि हुई है। शुद्ध सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि के कारण नकली सामानों की बिक्री भी बढ़ रही है। दुकानदारों का मानना है कि बाजार में पूजन सामग्रियों का कारोबार बढ़ा है।

कोडरमा, वरीय संवाददाता देवी-देवताओं का शृंगार और पूजन सस्ता नहीं रहा, क्योंकि उनसे जुड़ी सामग्रियों के भी दाम आसमान की ओर भाग चले हैं। एक माह के दौरान सामान्य हों या विशिष्ट, सभी सामग्रियों के दामों में दोगुनी वृद्धि हो गई है। झुमरीतिलैया के पूजा भंडार संचालकों का मानना है कि एक जून से माल भाड़े में 20 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा का दूसरी उपभोक्ता वस्तुओं की तरह पूजन सामग्रियों पर भी असर पड़ना तय है। जानकारों के मुताबिक, बाजार और दुकानों के विस्तार के चलते झुमरीतिलैया और कोडरमा में पूजन सामग्रियों का मासिक कारोबार 10 लाख रुपये से अधिक का हो चला है। दुकानदारों के अनुसार, शुद्ध एवं प्रामाणिक पूजन सामग्रियां ज्यादातर केरल-कर्नाटक, ओडिशा, गुजरात राज्यों से आती हैं。
एक माह में तांबे और पीतल के दाम में काफी इजाफा
एक माह के अंदर सबसे अधिक दाम तांबे के पात्रों, मूर्तियों के बढ़े हैं। अप्रैल में 900 रुपये में बिकने वाली किसी देवता की मूर्ति अब 1500 रुपये की हो गई है। पीतल के बने पात्रों-मूर्तियों के दाम 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। तिल तेल, कपूर, लोहबान, धूप और हवन सामग्री, चंदन और केसर-चंदन समेत विभिन्न फूलों के इत्र के दाम में इजाफा हुआ है। बताया कि चरणामृत के लिए जरूरी मेवा (काजू-किशमिश और बादाम) के दाम 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। काली तिल इन दिनों दो हजार रुपये किलो बिक रही है।
बाजार में नकली सामानों की भरमार, सतर्कता जरूरी
पूजन सामग्रियों के बाजार में भी ‘नक्कालों से सावधान’ वाली सतर्कता जरूरी है। घी, कपूर, लोहबान, गुग्गुल-चंदन से लेकर तिल तेल आदि नकली पूजन सामग्रियां बिक रही हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि सही सामान की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है।
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