छात्रहित पर सदन में नहीं उठी आवाज, अब भ्रम की राजनीति : शालिनी गुप्ता
झारखंड के जेसी बोस विश्वविद्यालय से जुड़ने के मुद्दे पर झामुमो नेत्री शालिनी गुप्ता ने सांसद और विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र और अभिभावक चिंतित थे, तब दोनों मौन रहे। अब छात्रों के भविष्य को लेकर उनकी उम्मीदों को निराश किया गया है।

कोडरमा, वरीय संवाददाता। जेजे कॉलेज समेत जिले के तमाम कॉलेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध किए जाने के मुद्दे पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह झामुमो नेत्री शालिनी गुप्ता ने स्थानीय सांसद और विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिन्दुस्तान को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जब छात्र और अभिभावक अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे, तब दोनों जनप्रतिनिधि पूरी तरह मौन रहे। अब छात्रों के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है。
सदन में आवाज नहीं उठाने का आरोप
शालिनी गुप्ता ने कहा कि संसद और विधानसभा नीति निर्धारण और कानून निर्माण की सर्वोच्च संस्थाएं हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत गिरिडीह में नया विश्वविद्यालय स्थापित किया गया, ऐसे में सांसद और विधायक की जिम्मेदारी थी कि वे छात्र हित में सदन के भीतर आवाज उठाते। उन्होंने कहा कि कोडरमा की जनता ने जिन प्रतिनिधियों को भरोसे के साथ चुना, वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह खामोश रहे। कहा कि अंतिम निर्णय पर राज्यपाल की मुहर लगती है और यदि जनप्रतिनिधि चाहते तो इस फैसले को रोका जा सकता था। लेकिन पूरे मामले में न सांसद की आवाज सुनाई दी और न विधायक की।
छात्रों और अभिभावकों की उम्मीदों पर पानी फेरा
झामुमो नेत्री ने कहा कि जेजे कॉलेज के छात्र और अभिभावक लगातार सांसद और विधायक से उम्मीद लगाए हुए थे कि वे उनके भविष्य की रक्षा करेंगे, लेकिन दोनों जनप्रतिनिधियों ने जनता की अपेक्षाओं को निराश किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि ही समय पर मौन हो जाएं, तो जनता की समस्याएं सरकार तक कौन पहुंचाएगा।
पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थानांतरण पर भी साधी थी चुप्पी
शालिनी गुप्ता ने कहा कि आज छात्र हित की बात करने वाले नेता उस समय पूरी तरह चुप थे, जब कोडरमा के पॉलिटेक्निक कॉलेज का स्थानांतरण किया गया था। उस समय छात्रों के भविष्य को लेकर किसी ने चिंता नहीं जताई। अब छात्रों के नाम पर बयानबाजी करना केवल राजनीतिक नौटंकी है।
अधूरे पड़े शिक्षा संस्थानों पर मांगा जवाब
शालिनी गुप्ता ने कहा कि भाजपा शासनकाल में इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास बड़े दावों के साथ किया गया था, लेकिन आज तक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। वहीं करमा मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है।
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