मानवता की सेवा ही पुलिस का पहला धर्म: पीडीजे
कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा ने किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों की सहायता के लिए सक्रिय रहने का निर्देश दिया। मुख्य वक्ता अरविंद कुमार लाल ने कानूनी प्रावधानों पर जानकारी दी।

कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में रविवार को मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रमाकांत मिश्रा ने किया। प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा ने कहा कि मानवता की सेवा पुलिस का पहला धर्म है, जिसका निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से होना चाहिए। पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पीड़ितों को लाभ दिलाने की दिशा में सक्रिय रहें। प्राधिकार द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश्य ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं अन्य संबंधित पक्षों के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।
कार्यशाला में रांची न्यायमंडल के अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने मुख्य वक्ता के रूप में मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम के विभिन्न कानूनी प्रावधानों, सुप्रीम कोर्ट एवं उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों और हाल के बदलावों पर विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अरविंद कुमार लाल को प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा द्वारा शॉल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने किया। मौके पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, सचिव गौतम कुमार, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी कंचन टोप्पो, न्यायाधीश प्रभारी ज्योत्सना पांडेय सहित विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी, मध्यस्थ, पैनल अधिवक्ता, पारा लीगल वॉलेंटियर एवं अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
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