झूलते बिजली तार बने जानलेवा, बारिश में बढ़ा बड़े हादसे का खतरा
सतगावां में मानसून की बारिश के बीच बिजली के झूलते तार और झुके हुए खंभे लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदकों ने सही कार्य नहीं किया, जिससे कई जगहों पर खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है। बारिश में इन तारों के टूटने का खतरा बढ़ गया है।

सतगावां, निज प्रतिनिधि। मानसून की बारिश और तेज हवाओं के बीच सतगावां प्रखंड में बिजली के झूलते केबल तार, झुके हुए खंभे और अव्यवस्थित ट्रांसफॉर्मर लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर बाजारों तक कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था की खामियां बड़े हादसों की आशंका को जन्म दे रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि केबल और खंभे लगाने वाले संवेदकों ने कई स्थानों पर प्राक्कलन के अनुरूप कार्य नहीं किया, जिसके कारण दो खंभों के बीच अत्यधिक दूरी छोड़ दी गई। भारी केबल का दबाव पड़ने से कई बिजली खंभे झुक गए हैं और तार नीचे लटक रहे हैं।
बारिश और तेज हवा के दौरान इनके टूटने या गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है।योगीडीह, मोहनपुर, नावाडीह समेत कई गांवों में बिजली के तार घरों की छतों के ऊपर से गुजर रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि ग्रामीण लाठी-डंडों के सहारे तारों को छत से दूर रखने को मजबूर हैं। वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभों और केबलों को नुकसान पहुंचा है।
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