जहां-तहां बिखरे पड़े मेडिकल वेस्टेज ही बनी 10 की पहचान

Dec 19, 2025 12:39 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कोडरमा
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न, ट्रैफिक जाम भी बड़ी समस्या इंट्रो वार्ड 10 का इलाका मुख्य बाजार क्षेत्र है। यहां दर्जनों की संख्या में चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं पैथोलॉजिकल

जहां-तहां बिखरे पड़े मेडिकल वेस्टेज ही बनी 10 की पहचान

कोडरमा, हमारे प्रतिनिधि झुमरी तिलैया नगर परिषद चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे स्थानीय मुद्दे भी लोगों के सिर चढ़कर बोलने लगे हैं। संभावित प्रत्याशी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं झुमरी तिलैया नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 की, जो शहर का सबसे व्यस्ततम और व्यावसायिक इलाका माना जाता है। वार्ड संख्या 10 के अंतर्गत राजगढ़िया रोड, नन्हकू स्कूल गली, पूर्णिमा टॉकीज होते हुए झंडा चौक तक का क्षेत्र आता है। यह इलाका मुख्य बाजार क्षेत्र भी है, जहां दर्जनों की संख्या में चिकित्सक, अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं पैथोलॉजिकल लैब संचालित हैं।

इसी कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही अत्यधिक रहती है। हालांकि क्षेत्र में नियमित रूप से साफ-सफाई होती है, लेकिन मेडिकल वेस्टेज यहां की सबसे गंभीर समस्या बन चुकी है। जगह-जगह मेडिकल कचरा बिखरा हुआ देखा जा सकता है। इसे हटाने के लिए कई बार स्थानीय लोग कचरे को एकत्र कर आग लगा देते हैं, जिससे जहरीला धुआं निकलता है और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं खुले में पड़े मेडिकल वेस्टेज को पशु खाने की कोशिश करते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और भी गंभीर हो जाता है। इस समस्या को लेकर तत्कालीन वार्ड पार्षद पिंकी जैन द्वारा नगर परिषद के साथ कई बार बैठकें की गईं, लेकिन अब तक मेडिकल वेस्टेज के सुरक्षित निपटान की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। दूसरी बड़ी समस्या टोटो-ऑटो स्टैंड को लेकर है। राजगढ़िया रोड के मुहाने पर बने इस स्टैंड के कारण आए दिन झगड़े की स्थिति बनती रहती है, साथ ही लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसका सीधा असर मरीजों और आम नागरिकों की आवाजाही पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड संख्या 10 में मेडिकल वेस्टेज प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था दो ऐसी प्रमुख समस्याएं हैं, जिनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। बताया जाता है कि इस वार्ड में कुल 1721 मतदाता हैं, जिनमें 871 पुरुष एवं 850 महिला मतदाता शामिल हैं। पिछली बार यह सीट महिला आरक्षित थी, जबकि इस बार इसे जनरल सीट घोषित किया गया है। ऐसे में आगामी चुनाव में इन मुद्दों का असर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है। वार्ड की पांच प्रमुख समस्याएं मुख्य सड़क ठीक है। गली मुहल्लों पीसीसी सड़क की स्थिति खराब है। पानी की किल्लत से वार्डवासी बेहाल हैं। नाम मात्र के लिए पानी सप्लाई होती है। स्ट्रीट लाइट खराब हैं, कई बार पत्राचार के बाद भी नहीं लगाए गए हैं। सड़क पर से कचरा का उठाव नहीं होता है, सफाई के लिए सफाई कर्मी नियमित नहीं आते हैं। सड़क जाम की स्थिति और मेडिकल वेस्टेज बड़ी समस्या है। लोगों के पांच सुझाव साफ सफाई औऱ कूड़े का उठाव नियमित होना चाहिए। पूरे वार्ड में स्ट्रीट लाइट लगनी चाहिए। रात में अंधेरा पसर जाता है। पानी सप्लाई नियमित होनी चाहिए और कम से कम आधे घंटे होनी चाहिए। विभाग को टेंडर कराकर टूटी हुई नालियां और पीसीसी रोड की मरम्मत करानी चाहिए। टोटो और ऑटो स्टैंड यहां से हटाया जाए ताकि जाम की समस्या से लोग परेशान ना हो। बॉक्स के लिए पेयजल व्यवस्था: वार्ड में पाइपलाइन पूरी तरह बिछी होने के बावजूद जलापूर्ति नाम मात्र की हो रही है। वह भी केवल औपचारिकता तक सीमित है। अधिकांश लोग आज भी चापाकल के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं, जिससे खासकर गर्मी के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है। सड़क की स्थिति: वार्ड की पीसीसी सड़कों की हालत धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। कई जगहों पर दरारें और टूट-फूट नजर आ रही है, जिससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। सड़कों की जल्द मरम्मत की आवश्यकता है। स्ट्रीट लाइट: वार्ड में स्ट्रीट लाइट तो लगाई गई है, लेकिन कई पोलों पर लगी लाइटें खराब पड़ी हैं। अंधेरे के कारण रात के समय लोगों को असुरक्षा का भय बना रहता है। साफ-सफाई: वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति काफी चिंताजनक है। न तो नियमित रूप से कूड़े का उठाव हो रहा है और न ही सफाई कर्मी समय पर पहुंचते हैं। इससे गंदगी फैल रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। क्या बोलीं निवर्तमान वार्ड पार्षद 50 वर्षों से बंद बीडीजी गली तथा 30 वर्षों से बंद सिद्धि विनायक स्कूल का रास्ता उनके प्रयास से चालू कराया गया। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वे वार्डवासियों की जरूरतों के लिए सक्रिय हैं। वार्ड में वृद्धा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, नाली-गली निर्माण, पीसीसी सड़क तथा चापाकल लगाए गए हैं। साथ ही झंडा चौक का सौंदर्यीकरण भी मेरे प्रयासों से संभव हो सका। पिंकी जैन, निवर्तमान वार्ड पार्षद प्रतिद्वंदी प्रत्याशी का आरोप वार्ड 10 में जो समस्याएं पहले थीं, वे आज भी जस की तस बनी हुई हैं। सड़क, नाली, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट की स्थिति बदहाल है। मेडिकल वेस्टेज के सुरक्षित निपटान के लिए नगर परिषद को ठोस पहल करनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से लोगों को बचाया जा सके। इंदु गुप्ता, निकटतम प्रतिद्वंदी क्या कहते हैं वार्ड के निवासी पूरे वार्ड में नारकीय स्थिति बनी हुई है। नगर परिषद टैक्स तो लेती है, लेकिन नियमित साफ-सफाई और कूड़ा उठाव नहीं होता। अविनाश कुमार चंद्रवंशी, स्थानीय निवासी पीने के पानी की भारी समस्या है। सप्लाई वाटर बहुत कम आता है, जिससे लोगों को चापाकल पर निर्भर रहना पड़ता है। गौतम सिंह, स्थानीय निवासी राजगढ़िया रोड में लगातार जाम की समस्या रहती है, जिससे मरीजों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है। रजत सिंह उर्फ बिट्टू सिंह, स्थानीय निवासी राजगढ़िया रोड में नियमित साफ-सफाई नहीं होती और मेडिकल वेस्टेज को जला दिया जाता है, जिससे फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। अजय झा, स्थानीय निवासी

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