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27 नवंबर, 2020|8:10|IST

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देश में माइका का चमक बिखरने वाला कोडरमा आज अवैध माइका कारोबार का झेल रहा दंश

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देश में माइका की चमक बिखरनेवाला कोडरमा जिला आज माइका के अवैध कारोबार के नाम का दंश झेल रहा है। वर्षो पूर्व कोडरमा अभ्रक नगरी के रूप में जाना जाता था, लेकिन माइका की बंद होती खदान और सरकार की उदासीनता के कारण आज यह कारोबार अवैध बनकर रह गया है। आज भी हजारों लोग इस परिवार से जुड़कर रोजीरोटी कमा रहे हैं। खासकर जंगली क्षेत्र के गरीब परिवारों का चूल्हा इसी ढीबरा, माइका चुनकर जल रहा है। इन दिनों जिला प्रशासन व पुलिस विभाग द्वारा लगातार हो रही कार्रवाई से यह कारोबार का कमर तोड़ दिया है। हाल के दिनों में जिला प्रशासन द्वारा आधा दर्जन से ज्यादा माइका फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया है, जबकि लगातार पुलिस द्वारा भी ढीबरा गाडियों की धर-पकड़ की जा रही है। प्रशासनिक कार्रवाई से अब इस व्यवसाय से जुड़े लोग इसे करने से कतराने लगे हैं। कभी माइका को सरकार द्वारा लाइसेंस निर्गत था, जिससे यह कारोबार का संचालन कोडरमा में धडल्ले से होता था, लेकिन धीरे-धीरे खदानों के बंद होने और सरकार द्वारा नए माइका खदानों लाइसेंस निर्गत नहीं किए जाने के कारण यह पूरी तरह बंद हो गया। हालांकि आज भी वन क्षेत्र में डस्ट के रूप में पड़े ढीबरा को चूनकर प्रोसेसिंग कर बाहर भेजा जाता है।

प्रशासनिक कार्रवाई से बढ़ रही है रोजी-रोटी की समस्या :

जिला व पुलिस प्रशासन के द्वारा लगातार हो रही कार्रवाई से लोगों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है। कोरोना महामारी में जहां हजारों लोग दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटे हैं और ऐसे में इस व्यवसाय पर प्रशासनिक शिकंजा से वन क्षेत्र में रह रहे गरीब लोगों के समक्ष बडी समस्या उत्पन्न हो रही है। आनेवाले समय में यह और विकराल रूप ले सकता है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि भी हैं उदासीन :

कोडरमा में माइका व्यवसाय को पुनर्जिवित करने में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उदासीन हैं। बंद पड़े इस व्यवसाय को कानूनी मान्यता दिलाने में स्थानीय जनप्रतिनिध भी अक्षम साबित हो रहे हैं। कई बार बडे आंदोलन के बावजूद इस व्यवसाय की चमक नहीं लौट पायी है, और न हीं सरकार द्वारा इस व्यवसाय को पुनर्जिवित करने में रूचि दिखायी जा रही है। सरकार द्वारा यदि इसे कानून अधिकार दिया जाता तो कोडरमा में रोजगार की समस्या उत्पन्न नहीं होती।

पीएम व सीएम का वादा भी नहीं आया काम :

कोडरमा में माइका का चमक बिखरने का वादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व सीएम रघुवर दास ने भी कोडरमा पहुंचकर अपनी-अपनी सभाओं में की थी, लेकिन इनका किया गया वादा इस व्यवसाय की चमक को पुन: नहीं ला सका है। आज भी इस माइका कारोबार को कोडरमा में अवैध कारोबार में जाना जाता है।

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  • Web Title:Kodarama which is spreading the shine of mica in the country is facing the brunt of illegal mica business today