DA Image
28 नवंबर, 2020|10:49|IST

अगली स्टोरी

ऐतिहासिक शिवसागर छठ तालाब अपनी दुर्दशा पर बहा रहा आंसू, गदंगी से चारों ओर पटा घाट

default image

डोमचांच प्रखंड अंतर्गत वार्ड नंबर 5 में स्थित ऐतिहासिक शिवसागर का छठ तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। लोक आस्था का महापर्व छठपूजा महज एक पखवारा बाकी है, लेकिन यहां पर किसी भी प्रकार की साफ-सफाई की तैयारी नहीं चल रही है बल्कि प्रतिदिन डोमचांच के कई लोग बोरे में भर भर कर गंदगी को तालाब में विसर्जित कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष यहां छठ पर्व में जिले का सबसे बड़ा मेला का आयोजन किया जाता था। डोमचांच और इसके आसपास के क्षेत्र शिव सागर लेगरापीपर रुपनडीह नावाडीह बेहराडीह सहित विभिन्न गांव से हजारों की संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष इस घाट पर अर्ध्य देने पहुंचते हैं, लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण छठ पर्व समिति के पदाधिकारी सकते में हैं इनका मानना है कि सरकारी निर्देशों के अनुसार इस बार छठ पर्व आस्था व सादगी के साथ मनाया जाएगा।

विदित हो कि प्रत्येक वर्ष यहां पर भव्य पंडाल का निर्माण किया जाता था। छठ घाट पर अवस्थित भगवान सूर्य के मंदिर में विशाल सात घोड़ों पर सवार भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना की जाती थी। वहीं बगल में विभिन्न तरह के झूले तमाशे मौत का कुआं जादूगर समेत दर्जनों छोटे-छोटे खेल तमाशे व मिठाई खिलौने आदि की दुकानें सजाई जाती थी, लगभग 8 दिनों तक चलने वाला यहां का छठ मेला जिले भर में प्रसिद्ध था। लाइटिंग को लेकर डोमचांच से लेकर शिव सागर तालाब घाट तथा तालाब के चारों ओर लगभग ढाई 3 किलोमीटर के एरिया में विभिन्न तरह के रंग बिरंगे लाइट व गेट पंडाल का निर्माण किया जाता था, लेकिन इस बार यहां का छठ मेला बहुत ही सादगी पूर्ण तरीके से मनाया जाएगा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Historic Sivasagar Chhath pond sheds tears over its plight ghats all around