जयनगर में 501 कलशों के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा, उमड़ा आस्था का सैलाब
जयनगर के तेतरौन पंचायत में 501 कलशों के साथ भव्य यात्रा निकाली गई। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने धार्मिक आयोजन के महत्व पर जोर दिया। 18 से 27 फरवरी तक महायज्ञ का आयोजन विभिन्न अनुष्ठानों के साथ किया जाएगा। श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील की गई।

जयनगर, निज प्रतिनिधि। प्रखंड के तेतरौन पंचायत के मतौनी में आयोजित श्री श्री 1008 महाकाली सह श्री वासंतिक दुर्गा एवं हनुमत प्राण प्रतिष्ठा सह शतचंडी महायज्ञ पर बुधवार को 501 कलशों के साथ भव्य यात्रा निकाली गई। धार्मिक उत्साह और जयकारों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, महामंडलेश्वर सुखदेव जी महाराज, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव, स्थानीय मुखिया आशा देवी, जिला परिषद सदस्य केदारनाथ यादव, पूर्व जिप सदस्य पवन सिंह, पूर्व प्रमुख जयप्रकाश राम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यज्ञ समिति की ओर से सभी अतिथियों का माला और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
कलश यात्रा यज्ञ मंडप से प्रारंभ होकर तेतरौन और परसाबाद होते हुए गाजे-बाजे तथा जयकारों के साथ उत्तरवाहिनी नदी बड़ानो पहुंची। वहां यज्ञाचार्य बसंत शास्त्री एवं उपाचार्य सह कथावाचक पंडित विष्णुकांत पाण्डेय ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालुओं से कलशों में जल भरवाया। इसके बाद सभी श्रद्धालु पुनः यज्ञ मंडप लौटे। अपने संबोधन में मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन हमारी सनातन परंपरा को सशक्त करते हैं। यज्ञ और पूजा से वातावरण शुद्ध होता है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने लोगों से सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। महायज्ञ का आयोजन 18 से 27 फरवरी तक विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया जा रहा है। 18 फरवरी को कलश यात्रा, पांगण देव पूजन, ब्राह्मण पूजन और मंडप प्रवेश हुआ। 19 फरवरी को वेदी स्थापना, श्रीमद देवी भागवत पारायण, दुर्गा सप्तशती पाठ, अरणी मंथन द्वारा अग्निदेव का प्राकट्य, हवन एवं जलाधिवास संपन्न हुआ। 20 फरवरी को महास्नान एवं देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। आगामी दिनों में नियमित पूजन-पाठ, हवन, महाआरती, दीप महायज्ञ, सामूहिक हवन, पूर्णाहुति, कन्या पूजन, ब्राह्मण भोज, महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 27 फरवरी को महाभंडारा एवं प्रतिमा विसर्जन के साथ महायज्ञ का समापन होगा। 18 से 25 फरवरी तक प्रतिदिन संध्या 7 बजे आरती, प्रवचन और प्रसाद वितरण किया जाएगा। कथा वाचिका मानस कोकिला सुश्री संगीता सुमन दीदी द्वारा कथा वाचन किया जा रहा है। यज्ञ समिति अध्यक्ष महेश दास ने क्षेत्रवासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील की। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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