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19 अक्तूबर, 2020|9:52|IST

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हजारीबाग में अपनी बहन के घर फंसी बालिका कोडरमा पहुंची,सीडब्लूसी ने लिया संरक्षण में

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लॉकडाउन के कारण पिछले चार माह से 17 वर्षीय बालिका हजारीबाग में अपनी ही बहन के घर में फंसी हुई थी। वह अपने जीजा से आग्रह कर रही थी कि मुझे अपनी मां के घर बेगूसराय पहुंचा दिया जाए,लेकिन जब उनकी बात अनसुनी कर दी तो बालिका ने 26 जून को खुद निर्णय लिया और बिना किसी को बताए घर से निकल गयी और वह हजारीबाग स्टेशन पहुंच गयी। उन्होंने अपने साथ अपनी बहन की 7 वर्षीय बेटी को भी साथ ले लिया। हजारीबाग स्टेशन में एक मालगाड़ी पहले से रुकी हुई थी। उन्होंने बिना सोचे-समझे वे दोनों उस पर सवार हो गयी और छुपकर बैठ गयी। ट्रेन चंदवारा पहुंची तो संयोग से ट्रेन को सिग्नल नहीं मिलने के कारण रुकी,तभी किसी व्यक्ति की नजर मालगाडी में दो बच्ची पर पड़ी। वे दोनों बच्चों को देखकर भौंचक रह गए और उन्होंने स्थिति को भांपते हुए कहा कि बेटा इस ट्रेन से कहाँ जा रहे हो। बच्ची ने कहा मुझे बेगूसराय जाना है। उन्होंने यूं ही कह दिया कि यह ट्रेन राजस्थान जा रही है,सो यहीं उतर जाओ। फिर उन्हीं की मदद से दोनों बालिका उतर गयी। वह स्थान पिपराडीह था। फिर उन्होंने चंदवारा थाना,चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को इसकी सूचना दी। चाइल्डलाइन ने दोनों बालिकाओं को फिर अपने संरक्षण में लेते हुए सीडब्ल्यूसी के यहां प्रस्तुत किया। सीडब्ल्यूसी ने बेगूसराय सीडब्ल्यूसी से बालिका का होम वेरिफिकेशन कराया। 30 जून को उनका होम वेरिफिकेशन रिपोर्ट आने के बाद चाइल्डलाइन को बालिका को घर पहुंचाने का निर्देश दिया है। बालिका को उचित संरक्षण देने में चंदवारा थाना के अधिकारी,पिपराडीह के ग्रामीणों के अलावा बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रूपा सामंता,सदस्य प्रवीन सिन्हा,चाइल्डलाइन निदेशक इन्द्रमणि साहू,समन्यवयक दीपक कुमार राणा,ज्योति सिन्हा,नूतन कुमारी,पिंकी देवी,बसंती देवी आदि का विशेष सहयोग रहा.

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  • Web Title:Girl trapped in Hazaribagh reached Koderma home of her sister CWC took protection