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23 जनवरी, 2021|8:25|IST

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मित्रता कृष्ण व सुदामा जैसी होनी चाहिए: पंकज शास्त्री

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झुमरी तिलैया प्रतिनिधि

सोनी कैंपस में चल रहा है श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन 27 नवंबर को कृष्ण सुदामा चरित्र पर व्याख्यान देते हुए वृंदावन से आए पं.प्रिय प्रीतम शरण पंकज शास्त्री ने कहा कि वर्तमान की मित्रता स्वार्थ पर आधारित है। मित्रता कृष्ण और सुदामा की तरह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मित्रता के बीच में धन और अमीरी की दीवार नहीं आनी चाहिए। कहा कि कृष्ण-सुदामा की दोस्ती आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कृष्ण-सुदामा प्रसंग से शिक्षा मिलती है कि मित्रता के लिए बराबरी का होना जरुरी नहीं है। शिक्षा मिलती है कि ब्राह्मण सैदेव पूज्य हैं और आगे भी रहेंगे। बीच-बीच में अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो कि दर पे सुदामा गरीब आ गया है जैसे भजन से कार्यक्रम स्थल गूंजता रहा। मौके पर कृष्ण और सुदामा की झांकी भी निकाली गई। इसमें कृष्ण की भूमिका में गुड़िया कुमारी और सुदामा की भूमिका में बली वल्लभ शामिल हुए। देर शाम फूलों की होली के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। बता दें कि सात दिनी भागवत कथा में नगर की धार्मिक संगठन श्री हनुमान संकीर्तन मंडल,श्री राम संकीर्तन मंडल,श्री श्याम मित्र मंडल,ओम मंडल,काली मंदिर महिला समिति और अन्य भजन मंडली ने अलग-अलग भजनों की प्रस्तुति दी।

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  • Web Title:Friendship should be like Krishna and Sudama Pankaj Shastri