टास्क: खाड़ी देशों में तनाव से कोडरमा के कई परिवारों की बढ़ी चिंता
फोटो भी है। नों में भय का माहौल है। कोडरमा के मरकच्चो और जयनगर प्रखंड के कई लोग बहरीन में हैं। यहां उनके परिजन लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं और

मरकच्चो, निज प्रतिनिधि कोडरमा जिले के विभिन्न इलाकों के कई लोग अरब देशों में कमाने गए हुए हैं। हाल के दिनों में वहां का माहौल खराब होने से यहां परिजनों में भय का माहौल है। कोडरमा के मरकच्चो और जयनगर प्रखंड के कई लोग बहरीन में हैं। यहां उनके परिजन लगातार उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं और पल पल की जानकारी भी ले रहे हैं। वहां के लोगों का कहना है कि बहरीन की सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरी तरीके से पालन किया जा रहा है। फिलहाल चिंता बनी हुई है। सभी ने कहा कि आसपास हो रही बमबारी आवाज कभी-कभी परेशान कर जाती है।
सभी ने कहा कि रमजान जैसे पवित्र दिनों तनाव नहीं होना चाहिए। कमाने खाने वाले लोगों को अनावश्यक भय का माहौल कायम हो जाता है। सभी ने कहा कि किसी भी समस्या का हल युद्ध नहीं है। इसे बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। मरकच्चो मध्य निवासी अंसार आलम ने बताया की उनके परिवार के आधा दर्ज़न लोग बहरीन देश में हैं। हालात की जानकारी ले रहे हैं। चिंता भी बनी है। मरकच्चो मध्य निवासी हाज़रा खातून के पुत्र भी दुबई में काम करते हैं। बेटे की कुशलता के लिए वो लगातार दुआएं कर रहीं हैं। मध्य पंचायत के हारून शेख के भी दो पुत्र दुबई में हैं। बताया की टीवी पर आ रहीं युद्ध की खबरों पर लगातार नजर बनाये हुए हैं। बेटों से फोन पर लगातार बात हो रही है। वे लोग कुशल हैं। बढ़ते युद्ध की आशंका से पूरा परिवार चिंतित है। दरगाह मुहल्ला निवासी मो जावेद के भाई भी कतर देश में हैं। उन्होंने बताया की युद्ध शुरू होने के बाद से परिवार में काफी चिंता बढ़ी हुई है, हालंकि फोन पर बात हुई है वे लोग सब कुशल हैं। इन सभी लोगों के परिवार के सदस्य अपनों की कुशलता के लिए लगातार दुआएं कर रहे हैं। उड़ानें रद्द होने से कई लोग नहीं लौट पा रहे वतन जयनगर, निज प्रतिनिधि पश्चिम एशिया में छिड़े ईरान-इजराइल युद्ध के बाद जयनगर प्रखंड के कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है। प्रखंड के दर्जनों युवक रोजगार के लिए खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। युद्ध की खबरों के बीच परिजन टीवी और मोबाइल पर हालात पर नजर बनाए हुए हैं और फोन के माध्यम से अपनों का हाल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जयनगर और आसपास के इलाकों से कई युवक कतर, संयुक्त अरब अमीरात (दुबई), कुवैत और सऊदी अरब में मजदूरी करते हैं। कुछ लोगों की छुट्टी भी स्वीकृत हो चुकी थी और उनका घर लौटना तय था, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण उन्हें फिलहाल वहीं रुकना पड़ा है। रमजान और ईद को लेकर घर आने की खुशी फीका पड़ गया है। प्रखंड के अन्य ग्रामीणों ने भी बताया कि यहां के कई परिवारों के सदस्य खाड़ी देशों में मजदूरी कर घर का खर्च चलाते हैं। ऐसे में युद्ध की स्थिति लंबी खींचने पर रोज़गार और सुरक्षा दोनों को लेकर संकट गहराने की आशंका है।
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