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26 नवंबर, 2020|10:18|IST

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शहर के कई प्रमुख छठ घाटों में फैली है गंदगी

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लोक आस्था का महापर्व छठ में महज बीस दिन ही बाकी रह गए हैं। किंतु शहर के कई प्रमुख अघ्र्य घाटों पर गंदगी का अंबार लगा है। नगर परिषद के द्वारा अभी तक छठ घाटों की सफाई का काम शुरु नहीं किया जा सका है।

विशेषताओं से भरा है गुमो का छठ घाट :

गुमो का छठ घाट वैसे तो देखने में छोटा है लेकिन व्यवस्था की दृष्टि से छठ व्रतियों को समिति के द्वारा कई प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। पूरे घाट को रंगीन बल्वों से सजाया जाता है। घाट में मोरम डालकार उसे प्लेन किया जाता है। एक निश्चिित गहराई के बाद बांस से बैरिकेटिंग की जाती है ताकि कोई डूबे नहीं। समिति के सदस्य अघ्र्य के दिन काफी सक्रिय होते हैं ताकि व्रतियों और उनके साथ घाट पर आनेवाले लोगों को कोई परेशानी न हो सके। यहां लगभग दो से झाई हजार श्रद्वालु पहुंचते हैं। इसके गुमो का आधा इलाका और गांधी स्कूल मुहल्ला शामिल है।

घाट की मौजूदा स्थिति: घाट की मौजूदा स्थिति ठीक नहीं है। चारो ओर गंदगी फैली है। पानी ने शैवाल भरा है। लोगों ने सरस्वती और गणेश की प्रतिमा को विसर्जित कर दिया है,जिससे गंदगी और बढ़ गई है। वैसे छठ के निकट आते ही नदी को बांध दिया जाता है,जिससे काफी मात्रा में पानी जमा हो जाता है। नदी की समिति द्वारा सफाई कराई जाती है।

क्या कहते हैं समिति के लोग?

छठ समिति के पदाधिकारियों में मनीष पांडेय ने कहा कि पहले यहां अर्घ्य घाट नहीं बना था, तब लोगों को अघ्र्य देने में परेश्खानी होती थी। फिर घाट बना और भीड़ बढ़ी तो जगह कम पड़ने लगी। लेकिन नगर परिषद द्वारा नदी के दोनों ओर घाट का निर्माण करा दिया गया है,जिससे व्रतियों समेत अर्घ्य देने वाले भक्तों को कोई परेशानी नहीं होती।

जीतेंद्र राम: छठ घाट की सफाई और मरम्मति के बारे में समितिके सदस्य जीतेंद्र राम ने कहा कि अभी थोड़ा समय है। अगर समय पर नगरपरिषद के द्वारा सफाई का कार्य नहीं किया गया तो समिति सफाई का कार्य स्वयं करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से समिति के द्वारा भक्तों को सुविधाए्र दी जाती रही हैं और इस वर्ष भी दी जाएगी।

बबलू पांडेय: गुमो छठ पूजा समिति सक्रिय सदस्य बबलू पांडेय ने कहा कि अगले सप्ताह से छठ घाट की सफाई का कार्य शुरु कर दिया जाएगा। घाट की सफाई के बाद नदी के मुहाने को बांध दिया जाएगा जिससे छठ तक पानी जमा हो सके। ताक व्रतियों और अघ्र्य देनेवाले लोगों को कोई परेशानी न हो सके। वैसे समित के द्वारा घाट के किनारे दो बोर्ड भी लगा दिया गया है कि यहां गंदगी नहीं फैलाई जाए। नदी किनारे शौच करनेवालों से जुर्माना का भी प्रावधान किया गया है।

अविनाश पांडेय: स्थानीय निवासी अविनाश पांडेय ने कहा कि गुमो छठ पूजा समिति के द्वारा व्रतियों और भक्तों को काफी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उनके द्वारा समाय-समय पर अभियान चलाकर घाट औ रास्तों की सफाई की जाती है। पूरे रास्ते को लगभग एक किमी तक रंगीन बल्वों से सजाया जाता है। ताकि शाम झालने और सुबह सूर्योदय से पहले इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को दिक्कत न हो सके।

मनोहर राम: स्थानीय निवासी मनोहर राम उर्फ बाबू राम ने कहा कि समिति के द्वारा इस घाट पर पहले अघ्र्य की रात में जागरण का आयोजन किया जाता है और भक्तों के लिए खिचड़ी का महाप्रसाद बनाया जाता है। किंतु कोरोनो को देखते इस वर्ष ऐसा कुछ भी नहीं करने की योजना है। छठ पर्व में सरकार के निर्देशें का पूरा ख्याल रखना है। घाट पर पहुंचनेवाले लोगों से मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील की जाएगी।

वार्ड पार्षद दिलीप वर्मा: गुमो वाड 21 के पार्षद दिलीप प्रसाद वर्मा ने छठ घाट की सफाई के बारे में कहा कि अगले तीन से चार दिनों में अपने वार्ड में पड़नेवाले सभी छठ घाटों की सफाई का कार्य शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ घाटों त पहुंचने वाले रास्तों की भी मरम्मति की जएगी,जिससे भक्तों को घाट तक पहुंचने में काई परेशानी न हो सके। पार्षद दिलीप प्रसाद वर्मा ने कहा कि वैसे समितियों को भी मेरा द्वारा हर संभव मदद किया जाएगा।

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  • Web Title:Dirt spreads in many major Chhath Ghats of the city