धान की बंपर पैदावार, खरीद में देरी से बिचौलियों की चांदी
इस वर्ष धान की बंपर पैदावार के बावजूद किसानों को सरकारी खरीद में देरी का सामना करना पड़ रहा है। बिचौलियों द्वारा कम कीमत पर धान खरीदने से किसान नुकसान में हैं। भंडारण की कमी और खरीद केंद्रों की निष्क्रियता ने स्थिति को और खराब कर दिया है। संभावित खरीद 15 दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है।

कोडरमा, हिन्दुस्तान टीम। इस वर्ष धान की बंपर पैदावार ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी थी, लेकिन सरकारी खरीद प्रक्रिया में देरी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी बहार देखते ही बिचौलियों ने मौके का फायदा उठाते हुए गांव-गांव घूमकर कम कीमत पर किसानों से धान की खरीद शुरू कर दी है। समर्थन मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल के मुकाबले बिचौलिए 1500-1600 रुपए तक कीमत देकर धान उठा रहे हैं। इससे किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 900 रुपए तक का नुकसान हो रहा है। सरकारी खरीद पर देरी का संकट, भंडारण की कमी बनी बड़ी वजह किसानों का कहना है कि कटाई शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक सरकारी खरीद केंद्र नहीं खुले हैं।
भंडारण सुविधा की कमी, गोदामों की अनुपलब्धता और खरीद केंद्रों के देर से सक्रिय होने के कारण किसान धान सुरक्षित रखने की स्थिति में नहीं हैं और मजबूरी में कम दाम पर बेच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ऐसे हैं कि बंगाल के व्यापारी ट्रक व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ खेतों तक पहुंचकर सीधा खरीदी कर बाहर भेज रहे हैं। किसान बताते हैं कि धान के खराब होने और दूसरी फसल की तैयारी के लिए पैसे की जरूरत के कारण वे इंतजार नहीं कर पा रहे। पैक्स की निष्क्रियता बढ़ा रही है परेशानी अब तक धान क्रय केंद्र नहीं खुलने और पैक्सों की धीमी गतिविधियों के कारण बिचौलियों की सक्रियता तेजी से बढ़ गई है। मरकच्चो व डोमचांच प्रखंडों में प्रतिदिन दर्जनों ट्रकों से धान बाहर भेजे जाने की जानकारी मिली है। 15 दिसंबर से खरीद संभावित, पर बैंक गारंटी बन रही बाधा जिला स्तर पर धान खरीद 15 दिसंबर से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सहकारिता विभाग की ओर से पैक्सों से 24 लाख रुपए तक की बैंक गारंटी मांगे जाने से प्रक्रिया अटकने की आशंका बढ़ गई है। मालूम हो कि पहले ही पैक्स संघ के अध्यक्ष विजय यादव और सचिव सदानंद यादव कह चुके हैं कि इतनी बड़ी बैंक गारंटी देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने विभाग को लिखित रूप से असमर्थता भी भेज दी है।
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