कोडरमा में एनएच पर नहीं थम रहा अवैध पार्किंग और अतिक्रमण

हिन्दुस्तान, कोडरमा
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रांची-पटना रोड से अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की समस्या गंभीर होती जा रही है। झुमरीतिलैया में जाम की स्थिति से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण पर रोक के बावजूद, स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। स्थानीय लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

कोडरमा में एनएच पर नहीं थम रहा अवैध पार्किंग और अतिक्रमण

कोडरमा, वरीय संवाददाता। राष्ट्रीय राजमार्ग अर्थात रांची-पटना रोड को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के लिए संबंधित विभाग की ओर से चलाया जा रहा अभियान बेहतर परिणाम नहीं दे रहा है। रांची-पटना रोड से अतिक्रमण हटाने और अवैध पार्किंग अभियान की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर चंदवारा से लेकर कोडरमा घाटी तक अतिक्रमण की समस्या गंभीर है। झुमरीतिलैया और कोडरमा में सड़क किनारे अवैध पार्किंग और बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रांची-पटना रोड पर बसों, ट्रकों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण प्रतिदिन लोग डर के साये में जी रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के आसपास भी अतिक्रमण हटाओ और अवैध पार्किंग विरोधी अभियान का कोई खास असर भी नहीं दिख रहा है। टोटो से लेकर बसें और दर्जनों ट्रकें तक एनएच के किनारे खड़े रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है。

झंडा चौक के आसपास अभियान का कोई असर नहीं

झुमरीतिलैया में हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। यहां दो मिनट की दूरी तय करने में लोगों को 20 मिनट का समय लग जाता है। यहां प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

रांची-पटना रोड पर सबसे अधिक दबाव

कोडरमा जिले से गुजरेवाले रांची-पटना रोड सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ने के कारण अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या और गंभीर होती जा रही है। एनएचएआई द्वारा मदनगुंडी टोल प्लाजा के समीप एक विश्राम क्षेत्र विकसित किया गया है, जहां वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। इन स्थानों पर लगभग 50 से अधिक ट्रकों या बड़े वाहनों को पार्क किया जा सकता है। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे करीब 100 ट्रक और अन्य बड़े वाहन खड़े रहते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात बाधित होती है। साथ ही हादसे का भी डर बना रहता है。

एनएचएआई लोगों की सुरक्षा को लेकर हमेशा तत्पर है: परियोजना निदेशक

एनएचएआई के परियोजना निदेशक आशुतोष सोनी का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण और निर्माण पर रोक है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे जुड़े होटल, दुकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को वैकल्पिक पहुंच मार्ग विकसित करने तथा प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्धारित दायरे में बनने वाले आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एनएचएआई से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है। रोड पर वाहन लगानेवाले या अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

झुमरीतिलैया और कोडरमा के स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने और पार्किंग व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। लोगों का मानना है कि प्रशासन और एनएचएआई यदि संयुक्त रूप से लगातार निगरानी करें तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। साथ ही संभावित अनहोनी को भी टाला जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची-पटना रोड पर अवैध पार्किंग की समस्या क्यों है?
रांची-पटना रोड पर अवैध पार्किंग की समस्या भारी वाहनों के दबाव और अतिक्रमण के कारण गंभीर होती जा रही है।
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