कोडरमा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक बंद, खून के पड़े लाले

हिन्दुस्तान, कोडरमा
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कोडरमा के सदर अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक बंद होने से मरीजों को खून की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले नौ महीनों से बंद इस ब्लड बैंक के कारण थैलेसीमिया और डायलिसिस के मरीज विशेष तौर पर परेशान हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि जल्द ही ब्लड बैंक की शुरुआत होगी।

कोडरमा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक बंद, खून के पड़े लाले

कोडरमा, वरीय संवाददाता कोडरमा सदर अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक बंद होने के बाद यहां के मरीजों और परिजनों को खून के लाले पड़े रहते हैं। मतलब यह है कि जरूरत पड़ने पर तत्काल खून नही मिल सकता। कोडरमा सदर अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द होने और लाइसेंस रिन्यूयल नहीं होने के कारण विभाग की ओर से ब्लड बैंक को बंद करा दिया गया है। अब यहां का ब्लड बैंक केवल स्टोरेज यूनिट बन गया है। इस यूनिट में ब्लड जमा होता है उसे जांच के लिए हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जांच के लिए भेजा जाता है। वहां से जांच के बाद वापस ब्लड को कोडरमा भेजा जाता है। इसके बाद वह मरीजों के उपयोग के लायक होता है। ऐसे में इसी प्रक्रिया में चार-पांच दिन या करीब एक सप्ताह का समय लग जाता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ जाती है।

करीब नौ माह से बंद है कोडरमा का ब्लड बैंक

सदर अस्पताल, कोडरमा में लाइसेंस रद्द होने और नवीनीकरण के कारण ब्लड बैंक पिछले करीब छह महीने से बंद है। ऐसे में यहां के लाइसेंस की कमी के कारण मरीजों को समय से खून नहीं मिल रहा है। इसकी किल्लत के कारण आम मरीजों, विशेषकर थैलेसीमिया और डायलिसिस के मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां के मरीजों को खून के लिए हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कारण यह है कि कोडरमा में ब्लड बैंक रद्द होने के कारण अस्पताल में रक्त संग्रह और प्रोसेसिंग पूरी तरह से ठप है।

कोडरमा जिले में 50 से अधिक हैं थैलेसीमिया मरीज

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ रंजीत कुमार बताते हैं कि फिलहाल कोडरमा जिले में 50 से अधिक थैलेसीमिया मरीज हैं। हर महीने इन्हें रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। ऐसे में यहां ब्लड बैंक नहीं होने से परेशानी झेल रहे हैं। डॉ रंजीत कुमार का कहना है कि जल्द ही सदर अस्पताल कोडरमा में ब्लड बैंक की शुरुआत होगी।

घाटी और हाइवे से सटे होने के कारण अधिक हादसे

कोडरमा घाटी और हाइवे से सटा है। ऐसे में यहां सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। हादसे में घायल लोगों को खून की तत्काल आवश्यकता रहती है, अगर यहां ब्लड बैंक होता तो उन्हें खून देकर बचाया जा सकता है। मरीजों को हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। जहां न तो इलाज की समुचित व्यवस्था मिल पाती है और न ब्लड बैंक में ब्लड की उपलब्धता जिस कारण कई मरीज खून के अभाव में दम तोड़ देते हैं।

कई दलों के लोग कर चुके हैं आंदोलन

कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक चालू कराने को लेकर कई दलों के लोग लगातार धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को चेतावनी दे चुके हैं। हाल ही में जेएलकेएम की ओर से सदर अस्पताल परिसर में धरना दिया गया था। चेतावनी दी गई थी कि अगर निर्धारित समय सीमा में ब्लड बैंक की सुविधा शुरू नहीं हुई तो बेमियादी धरना दिया जाएगा। इसके अलावा भाजपा की ओर से भी प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की नसीहत दी गई थी।

जल्द शुरू होगा ब्लड बैंक, प्रक्रिया जारी: सिविल सर्जन

कोडरमा सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने बताया कि जल्द ही सदर अस्पताल कोडरमा में ब्लड बैंक की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से जारी है। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार की ओर से हरी झंडी मिलते ही कोडरमा में ब्लड बैंक काम करने लगेगा।

सामान्य प्रश्न

कोडरमा में ब्लड बैंक क्यों बंद है?
कोडरमा सदर अस्पताल में संचालित ब्लड बैंक का लाइसेंस रद्द होने और लाइसेंस रिन्यूयल नहीं होने के कारण विभाग की ओर से ब्लड बैंक को बंद करा दिया गया है।
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