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शुभ संकेतों से परिपूर्ण माना जा रहा वर्ष 2026 का आगाज

शुभ संकेतों से परिपूर्ण माना जा रहा वर्ष 2026 का आगाज

संक्षेप:

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से वर्ष 2026 का पहला दिन शुभ संकेतों से भरा होगा। 1 जनवरी को रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो समृद्धि और उन्नति का प्रतीक है। शुभ योग और रवि योग का संयोग आत्मबल और सफलता में वृद्धि करेगा। इस दिन शिव पूजा और लक्ष्मी-नारायण की पूजा से धन और सुख-समृद्धि के योग बनेंगे।

Dec 22, 2025 12:02 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कोडरमा
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कोडरमा, वरीय संवाददाता। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से वर्ष 2026 का आगाज शुभ संकेतों से परिपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिष एवं अंकशास्त्र के जानकारों का कहना है कि नए साल का पहला दिन कई दुर्लभ और फलदायी योगों के संयोग में पड़ रहा है, जो आमजन के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। ज्योतिषाचार्य मनी बाबा के अनुसार, एक जनवरी को रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव सुबह से लेकर रात्रि 10:48 बजे तक रहेगा। यह नक्षत्र समृद्धि, उन्नति और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। इसके उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा, जो भी शुभता और अनुकूलता प्रदान करने वाला माना गया है।

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दिन के पूर्वार्ध में शुभ योग का निर्माण होगा, जो शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग की शुरुआत होगी। शुक्ल योग को नए कार्यों की शुरुआत, व्यापारिक निर्णय, निवेश और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया गया है। इसके साथ ही इस दिन रवि योग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवि योग में सूर्य की आराधना करने से आत्मबल, प्रतिष्ठा और सफलता में वृद्धि होती है। साथ ही बुधादित्य योग और सूर्य-मंगल की युति का प्रभाव भी रहेगा, जो साहस, निर्णय क्षमता और कार्यक्षमता को मजबूत करने वाला माना जाता है। नए साल 2026 का पहला दिन पौष शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि, शुभ नक्षत्र और कई मंगलकारी योगों के साथ शुरू हो रहा है। त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। गुरुवार को पड़ रहे एक जनवरी के दिन शिववास होने के कारण श्रद्धालु रुद्राभिषेक कर वर्ष की शुभ शुरुआत कर सकेंगे। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण वर्ष का पहला प्रदोष व्रत भी इसी दिन रहेगा, जिसे गुरु प्रदोष व्रत के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। गुरुवार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रिय दिन माना जाता है। इस अवसर पर लक्ष्मी-नारायण की विधिवत पूजा करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि के योग बनते हैं। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, चंद्रमा की स्थिति भी इस दिन अनुकूल रहेगी, जिससे मन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक संतुलन और अच्छे निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होने के संकेत मिलते हैं। कुल मिलाकर, नया साल 2026 धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ संयोगों के साथ शुरुआत करने जा रहा है।