कोडरमा में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक, 2 को कुचलकर मार डाला; दुधमुंहा बच्चा भी बना शिकार
झारखंड में हाथियों का आतंक लगातार जारी है। यहां के कोडरमा जिले में बुधवार को हाथियों के झुंड ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में 10 महीने का एक बच्चा भी शामिल था। मृतक मासूम के परिजन ईंट-भट्ठा पर मजदूरी करते हैं।

झारखंड में हाथियों का आतंक लगातार जारी है। यहां के कोडरमा जिले में बुधवार को हाथियों के झुंड ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला। मृतकों में दस महीने का एक बच्चा भी शामिल था। मृतक मासूम के परिजन ईंट-भट्ठा पर मजदूरी करते हैं। मंगलवार रात सोने के दौरान हाथियों के झुंड ने उनकी झोपड़ी पर हमला कर दिया था, जिसमें दूध पीते मासूम बच्चे की मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पीड़ितों के साथ बातचीत कर उनका हाल जाना।
सोते हुए मासूम पर हाथियों का हमला
मामला कोडरमा के जयनगर का है। यहां मंगलवार की रात को ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के बाद दंपति अपने 10 महीने के मासूम बच्चे के साथ सो रहे था। रात में हाथियों का एक झुंड वहां से गुजरात और झोपड़ी पर हमला कर दिया। इस हमले में 10 महीने का दूध पीते बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा दूसरी घटना में एक शख्स की मौत हो गई। इस तरह एक रात में हाथियों ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
मंगलवार रात हाथियों के हमले में 2 की मौत की जानकारी पुलिस को हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से अब तक एक महीने में करीब 8 लोगों की जान जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार, पहली घटना मंगलवार की आधी रात करीब 12 बजे की है। यहां हाथियों के झुंड ने ईंट भट्ठा पर काम करनेवाले श्रमिक राजकुमार मांझी को दौड़ाकर पटक दिया। इससे मौके पर ही उसकी जान चली गई। राजकुमार मांझी बिहार के नवादा जिले के रामनगर फतेहपुर का रहनेवाला था।
हाथियों के इस हमले में उसकी पत्नी गौरी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के वक्त भट्ठे पर करीब 10 मजदूर थे, जो किसी जान बचाकर भागे। यहां से निकलकर हाथियों का झुंड करीब एक घंटे बाद खगराडीह के खोहापहाड़ी के पास दूसरे ईंट भट्ठे के पास पहुंचा। यहां करीब 30-35 मजदूर अपनी झोपड़ियों में सो रहे थे। हाथियों के तांडव का एहसास जब मजदूरों को हुआ तब यहां अफरातफरी मच गई। सभी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरातफरी में 10 साल का लवकुश कुमार अपने परिजनों से अलग हो गया। बच्चे को देख हाथियों ने उसे भी पटक दिया। इससे उसके शरीर के दो टुकड़े हो गए। लवकुश धर्मेंद्र मांझी का बेटा था। वह भी बिहार के नवादा जिले के पकरिया का रहनेवाला था।
इसी अफरातफरी के दौरान ईंट की दीवार से उसका दो माह का मासूम अंकुश कुमार दब गया, पहले परिजनों ने इसे मृत समझ लिया, मगर बाद में पता चला कि उसी सांसे चल रही है। इसके बाद तत्काल उसे सदर अस्पताल भेजा गया, जहां फिलहाल लाइफ स्पोर्ट पर रखा है। इसके अलावा हाथियों के हमले में वहां काम करने वाली एक अन्य महिला कारी देवी (28 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल है। हाथियों के हमले में जान गंवाने वालों के शव का पोस्टमार्टम के बाद दोपहर दो बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया है। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
वन विभाग की अपील
लगातार हो रही मौत के बाद वन विभाग के प्रति लोगों में आक्रोश का माहौल है। बुधवार की सुबह सूचना के बाद वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान गांव के लोगों को हाथियों के झुंड से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
हाथियों ने मचाया उत्पात, तीन कच्चे घरों को किया ध्वस्त
कोडरमा के सतगावां के कानीकेंद में हाथियों ने उत्पात मचाया और तीन कच्चे घरों को किया ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लोगों ने भागकर जान बचाई। मंगलवार की रात की घटना में झुंड में करीब दर्जनभर हाथी आए और घरों को तोड़ डाला।
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