JSSC परीक्षा ही नहीं रद्द हुई, ये 3 और बड़े कदम उठाने जा रही हेमंत सोरेन सरकार
झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए सोमवार को सफलता जैसा रहा है। सरकार ने जेएसएससी सीजीएल के साथ ही टीडीपीएल द्वारा करवाई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सरकार ने छात्रों के लिए तीन और बड़े कदम उठाए हैं।

रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता के विरोध में 24 दिन से चल रहे आंदोलन के बीच सोमवार को राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में जेएसएससी सीजीएल समेत टीडीपीएल द्वारा आयोजित की गईं सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया। हेमंत सोरेन सरकार के इस फैसले को छात्र अपनी कामयाबी के तौर पर देख रहे हैं। लेकिन बता दें कि छात्रों की मांगों को लेकर सीएम ने तीन और बड़े कदम उठाने का वादा किया है।
परीक्षा व्यवस्था में किया जाएगा व्यापक सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल मौजूदा विवाद का समाधान नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जो पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय हो। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी आयोगों के काम व परीक्षा प्रणाली में सुधारों पर सुझाव देगी। ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान में भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं।
राज्य सरकार ने छात्रों के हित में कड़ा कानून बनाया
सीएम ने कहा कि छात्र हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त कानून बनाया गया है, जिसे लागू करने की क्षमता भी सरकार रखती है। युवाओं की सबसे बड़ी मांग जेएसएससी सीजीएल से जुड़ी थी। इसकी जांच एसआईटी और सीआईडी कर रही हैं, जिसमें कई तथ्य सामने आए हैं। जांच का दायरा 2014 से अब तक की सभी परीक्षाओं तक बढ़ाया गया है।
14वीं जेपीएससी और बैकलॉग पर भी निर्णय
सीएम ने कहा कि 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षा से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। जेपीएससी व जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की राय लेने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ेगी। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहे।


