JSSC-CGL: गलत तरीके से नौकरी पाने वालों पर भी शिकंजा, मास्टरमाइंड की पत्नी और भाई गिरफ्तार
झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गलत तरीके से सफल होकर नौकरी पाने वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सीआईडी ने मंगलवार को दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं, परीक्षाओं में अनियमितता के बाद रडार पर आए जेएसएससी के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से सीआईडी ने मंगलवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ की।

सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के उन सफल अभ्यर्थियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जिन्होंने गलत तरीके से नौकरी पाई। सीआईडी ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए केस संख्या 1/25 में मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी सुषमा तिवारी और उसके सगे भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया। अक्षय की गिरफ्तारी देवघर से मारगोमुंडा से हुई, जबकि सुषमा को सीआईडी ने गिरिडीह के बेंगाबाद से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
जेपीएससी में भी अक्षय तिवारी ने 14वीं सिविल सेवा परीक्षा की पीटी पास की थी। अक्षय पूर्व में जामताड़ा जिले में एपीआरओ के पद पर रहा चुका है। सीजीएल से बहाली के बाद उसकी तैनाती सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग में बतौर एएसओ थी, वहीं सुषमा कुमार की तैनाती भी वित्त विभाग में थी। अभय की गिरफ्तारी के बाद सीजीएल में अनियमितता सामने आई है। उसने कई अभ्यर्थियों के भी नाम बताए गए हैं, जिन्होंने पैसे देकर नौकरी पाई। सीआईडी ने चतरा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजनारायण पंडित से भी पूछताछ की। इधर, सीआईडी द्वारा जेपीएससी 14वीं परीक्षा में अनियमितता की स्क्रूटनी दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। 2204 सफल अभ्यर्थियों में 1700 से अधिक ओएमआर शीट का मिलान करना है।
तीन सफल अभ्यर्थी रिमांड पर
सीआईडी ने जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता से जुड़े केस में तीन सफल अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की है। मनोज कुमार, रोशन केरकेट्टा और उमाकांत उरांव को पूछताछ के लिए पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। सीआईडी ने तीनों आरोपियों को पांच अगस्त को रांची से गिरफ्तार किया था। अवध ने खुलासा किया था कि उमाकांत उरांव ने उसके लिए एजेंट के तौर पर काम किया था। दोनों का परिचय स्वास्थ्य विभाग में एक एजेंसी के इंपैनलमेंट के बाद हुआ था। उमाकांत के द्वारा मनोज, रोशन समेत कई अन्य युवकों से वसूली की गई थी। रिमांड के दौरान सीआईडी जांच में आ चुके तथ्यों को सत्यापित कराएगी।
निर्णय से पहले विचार करने का किया था अनुरोध
मुख्यमंत्री की घोषणा से पहले जेएसएससी सीजीएल चयनित अभ्यर्थियों ने उन्हें एक पत्र लिखकर अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई थी। अभ्यर्थियों ने कहा था कि वे लंबे संघर्ष और न्यायालय के आदेश के आलोक में सरकार द्वारा गठित चयन प्रक्रिया के माध्यम से चयनित हुए हैं। वर्तमान परिस्थितियों के कारण वे अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं और तनावपूर्ण माहौल में हैं। अधिकतर अभ्यर्थी गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं और कई ने पूर्व की नौकरी भी छोड़ दी है। उनके लिए यह नियुक्ति परिवार के जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि सीजीएल से जुड़े किसी भी निर्णय से पूर्व उनके हित एवं भविष्य पर गंभीरतापूर्वक विचार करें।
कैबिनेट के फैसलों की अधिसूचना का इंतजार
छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने 17 अगस्त को बड़ा फैसला लेते हुए जेएसएससी-सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया। साथ ही 2014 से अब तक जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों की जांच इन फैसलों से संबंधित सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
जेएसएससी सचिव से 9 घंटे तक पूछताछ
जेएसएससी सीजीएल समेत कई परीक्षाओं में अनियमितता के बाद रडार पर आए जेएसएससी के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से सीआईडी ने मंगलवार को करीब नौ घंटे पूछताछ की। सुधीर गुप्ता दिन के 11 बजे सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे, जहां देर शाम तक उनसे पूछताछ की गई। जानकारी के मुताबिक, सीआईडी ने जेएसएससी कार्यालय से जब्त दस्तावेजों का सत्यापन सुधीर गुप्ता से कराया। जेपीएससी सीजीएल समेत अलग-अलग परीक्षाओं में एजेंसियों के चयन, एजेंसियों से जुड़े दस्तावेजों को सामने रख पूछताछ की गई। जेएसएससी में अभय तिवारी और टीडीपीएल के लोगों से जुड़े मामलों में भी पूछताछ की गई।


