BJP या कांग्रेस, JMM के 6 वोट तय करेंगे झारखंड की दूसरी राज्यसभा सीट का रिजल्ट; RJD विधायक भी कर सकते हैं खेल

लाइव हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

झारखंड में आज 2 राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है। एक सीट पर जेएमएम की जीत तय मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट के लिए कई संभावनाएं बन रही हैं। हालांकि, दूसरी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का दावा, एनडीए प्रत्याशी से ज्यादा है।

Hemant Soren with rajyasabha candidates pranav jha and vaidyanath ram

Rajyasabha Chunav: झारखंड की 2 राज्यसभा सीटों के लिए आज वोटिंग होगी। इन दोनों ही सीटों पर महागठबंधन प्रत्याशियों का दावा पूरी तरह मजबूत है, लेकिन क्रॉस वोटिंग होने पर परिणाम बदल सकता है। जेएमएम प्रत्याशी वैद्यनाथ राम की जीत तो तय है, लेकिन दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के पास 16 विधायक ही हैं। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को जीत के लिए जेएमएम के साथ, आरजेडी के 4, भाकपा माले के 2 विधायकों का साथ भी चाहिए। ऐसे में अगर इन तीनों ही पार्टियों में से विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो कांग्रेस प्रत्याशी की जीत मुश्किल हो जाएगी। आइए समझते हैं कि झारखंड की दूसरी राज्यसभा सीट के लिए क्या-क्या संभावनाएं बन सकती हैं।

JMM के 6 वोट कहां जाएंगे?

झारखंड विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास कुल 34 विधायक हैं। एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए जेएमएम को 28 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में उसके बचे हुए 6 विधायक कांग्रेस के साथ जाते हैं और महागठबंधन के सभी विधायक एकजुट होकर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को वोट करते हैं, तो दूसरी राज्यसभा सीट पर कांग्रेस की भी जीत तय है। हालांकि, इस मामले पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने दावे कर रहे हैं।

RJD विधायक भी कर सकते हैं खेल

झारखंड में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत है। बीजेपी प्रत्याशी परिमल नथवानी को एनडीए के 24 विधायकों का समर्थन मिलने की पूरी संभावना है। ऐसे में उन्हें जीत के लिए मात्र 4 और वोटों की जरूरत पड़ेगी। अगर आरजेडी के चारों विधायक क्रॉस वोटिंग कर भाजपा प्रत्याशी को वोट कर देते हैं, तो परिमल नथवानी की जीत तय है। ऐसे में बीजेपी अपने मकसद में कामयाब हो सकती है।

NDA विधायक भी कर सकते हैं क्रॉस वोटिंग

जेएमएम, आरजेडी और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के साथ ही भाजपा विधायकों के भी क्रॉस वोटिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। एनडीए के 24 विधायकों में 21 बीजेपी, 1 आजसू, 1 एलजेपी और एक जदयू के पास हैं। अगर इनमें से कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो महागठबंधन के दोनों प्रत्याशियों की जीत तय है।

56 विधायक एकजुट, क्रॉस वाेटिंग की कोई संभावना नहीं: महागठबंधन
राज्यसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर दूसरे दिन बुधवार को भी इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के विधायकों और नेताओं की बैठक हुई। बैठक में सत्ता पक्ष ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि गठबंधन के सभी विधायक एक साथ हैं और राज्यसभा चुनाव में दोनों प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करेंगे।

झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और महासचिव विनोद पांडेय ने बताया कि सभी विधायक अपने-अपने घर में रहेंगे और 10 बजे तक सभी विधानसभा पहुंचेंगे। होटल में विधायकों को रखना और एक साथ जाने की जरूरत नहीं है।

स्पीकर मतदान करेंगे: संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक पद पर होने के कारण स्पीकर महागठबंधन की राजनीतिक बैठकों में शामिल नहीं होते हैं। हालांकि राज्यसभा चुनाव में वह विधायक के रूप में मतदान करेंगे और गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में वोट देंगे।

Mohammad Azam

लेखक के बारे में

Mohammad Azam

संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


विशेषज्ञता ( Area of Expertise )

पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर

और पढ़ें
Hindi Newsझारखंड न्यूज़JMM के 6 वोट तय करेंगे दूसरी राज्यसभा सीट, RJD विधायक भी कर सकते हैं खेल