इंस्टा वाले प्रेमी के लिए पति व 3 बच्चों को छोड़ झारखंड से आंध्र पहुंची महिला, सच्चाई देखी तो आना पड़ा वापस
सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि महिला का पता लगाने के लिए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद ली, और महिला के साथ-साथ उस शख्स के मोबाइल की लोकेशन के बारे में पता लगाया, जिससे की वह बात करती थी।

सोशल मीडिया की दिखावटी दुनिया के पीछे की कड़वी सच्चाई बताने वाली एक कहानी झारखंड के दुमका जिले से सामने आई है। यहां पर रहने वाली एक 30 वर्षीय महिला पिछले महीने अपने पति और तीन बच्चों को छोड़कर इंस्टाग्राम पर मिले एक आदमी के साथ रहने के लिए आंध्र प्रदेश चली गई। हालांकि, वहां पहुंचने पर जब उस आदमी की सच्चाई सामने आई तो महिला को बहुत दुख हुआ, और अपने फैसले पर पछताने लगी। हालांकि शर्मिंदगी और लोक लाज के डर से वह वापस नहीं आई। लेकिन इसी बीच उसे तलाशते हुए जब पुलिस और परिजन उसके पास पहुंचे तो उनकी समझाइश के बाद वह वापस अपने घर लौट आई। दरअसल इंस्टाग्राम पर मिले उस आदमी ने खुद को काफी अमीर बताया था, जिसके बाद महिला लालच में आकर उसके साथ जिंदगी बसर करने के लिए चली गई थी। हालांकि जब वह वहां पहुंची तो उसकी गरीबी देख महिला के होश उड़ गए।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र की रहने वाली इस महिला की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में रहने वाले एक आदमी से हुई थी। उसने खुद को अमीर परिवार का सदस्य बताकर महिला को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और उसे अपने साथ रहने के लिए बुलाया। जिसके बाद 12 जनवरी को महिला अचानक अपने घर से गायब हो गई। जिसके बाद महिला के पति ने उसकी गुमशुदगी के बारे में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी लंबे समय से इंस्टाग्राम पर किसी अनजान व्यक्ति से बात करती थी, जिसे लेकर घर में अक्सर विवाद भी होता था।
तकनीकी निगरानी से हुई बरामदगी
सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि महिला का पता लगाने के लिए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद ली, और महिला के साथ-साथ उस शख्स के मोबाइल की लोकेशन के बारे में पता लगाया, जिससे की वह बात करती थी। इस दौरान महिला की लोकेशन आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम में मिली। तब पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और महिला को ढूंढ निकाला। अधिकारी ने बताया कि जिस शख्स की बात पर भरोसा करके वह महिला चली गई थी, वह आदमी असलियत में दिहाड़ी मजदूर था, और अमीर नहीं था, जैसा कि उसने सोशल मीडिया पर उससे बातचीत में दावा किया था।
जिसे समझा अमीर, वह निकला दिहाड़ी मजदूर
पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उस आदमी के दावों पर भरोसा करके वह उसके साथ घर बसाने का सपना देखकर भाग गई थी। लेकिन वहां पहुंचकर उसे पता चला कि जिसे वह अमीर समझ रही थी, वह वास्तव में एक दिहाड़ी मजदूर है और घास-फूस की झोपड़ी में रहता है। सच्चाई का पता चलने पर महिला खुद को ठगा महसूस करने लगी, हालांकि फिर भी उसने वापसी के बारे में नहीं सोचा। बल्कि वह वहीं एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने की योजना बनाने लगी। इसी बीच पुलिस उसे ढूंढते हुए वहां पहुंच गई।
परिजनों ने समझाया, पति ने अपनाया
पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला के माता-पिता द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बाद वह वापस लौटने को तैयार हो गई। महिला के तीन बच्चे हैं, इनमें से दो बेटों की उम्र 8 और 9 साल है, वहीं सबसे छोटी बेटी की उम्र 4 साल है। इस कहानी की सबसे अच्छी बात यह रही कि महिला के पति ने भी उसकी गलती को माफ करते हुए उसे स्वीकार कर लिया। जिसके बाद वह एकबार फिर अपने परिवार के साथ रह रही है।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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