Jharkhand Weather Update: दिनभर की गर्मी के बाद शाम की बारिश से राहत, अगले 4 दिन का क्या हाल

हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

झारखंड में मौसम लुकाछिपी का खेल खेल रहा है। दिनभर गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ाए तो शाम में हुई बारिश ने उन्हें राहत पहुंचाई। मौसम विभाग के अनुसार अभी कुछ दिनों तक मौसम में इस तरह का उतार-चढ़ाव बना रहेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Jharkhand Weather Update: दिनभर की गर्मी के बाद शाम की बारिश से राहत, अगले 4 दिन का क्या हाल

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मौसम अपना अलग-अलग रंग दिखा रहा है। शुक्रवार को दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे, लेकिन शाम अचानक मौसम ने करवट ली और झमाझम बारिश हुई। करीब आधे घंटे की बारिश से लोगों को कुछ राहत मिली, हालांकि उमस कम नहीं हो सकी।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले चार-पांच दिनों से लगातार तेज गर्मी पड़ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। शुक्रवार को भी सुबह से तेज धूप और उमस बनी रही। दिनभर लोग गर्मी से परेशान रहे और पसीने से तरबतर दिखे। तेज धूप के कारण लोगों ने बाहर निकलने से परहेज किया।

फिलहाल कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना

शाम के समय भी गर्मी बनी हुई थी, लेकिन अचानक आसमान में बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से गर्मी से कुछ राहत मिली, हालांकि वातावरण में नमी बनी रही। बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान फिर बढ़ सकता है और पारा दोबारा 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है।

गर्मी से अधेड़ की तबीयत बिगड़ी, मौत

बिहार के नवादा जिले से जमशेदपुर आए 50 साल के उपेंद्र सिंह की शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल में मौत हो गई। मृतक अस्थमा से पीड़ित थे। उपेंद्र सिंह कुछ दिन पहले अपने रिश्तेदार सन्नी सिंह के साथ जमशेदपुर आए थे। शुक्रवार को दोनों घर लौटने के लिए बस स्टैंड पहुंचे थे। दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

उन्हें ऑटो से तुरंत एमजीएम ले जाया गया। जैसे ही उन्हें ऑटो से उतारा गया, उन्होंने बैठने की इच्छा जताई। लेकिन बैठते ही वे अचानक जमीन पर गिर पड़े। पास में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता से स्ट्रेचर की व्यवस्था की और उन्हें इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें