
झारखंड में शीतलहर का कहर, 1.5 डिग्री पर पहुंचा पारा; 6 जिलों के लिए येलो और 7 के लिए ऑरेंज अलर्ट
झारखंड इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को झारखंड के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रही। 13 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। आईएमडी ने 6 जिलों के लिए येलो और 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
झारखंड इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को झारखंड के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी रही। 13 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। आईएमडी ने 6 जिलों के लिए येलो और 7 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, खूंटी में राज्य का सबसे कम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद डाल्टनगंज (3.2 डिग्री सेल्सियस) और बोकारो (3.3 डिग्री सेल्सियस) का स्थान रहा। रांची स्थित मौसम विज्ञान विभाग के केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड के क्षोभमंडल में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग ने बताया कि बोकारो, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, कोडरमा, हजारीबाग, लातेहार, डाल्टनगंज (पलामू), लोहरदगा, पाकुर, रांची, सेराइकेला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, गुमला और हजारीबाग सहित सात जिलों के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिलों के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। बुलेटिन के अनुसार, इन जिलों में शीत लहर की स्थिति शनिवार सुबह 8:30 बजे तक बनी रहने की संभावना है।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।




