झारखंड मौसमः सितम ढा रही गर्मी, तापमान 40 डिग्री के पार; इन जिलों में लू का अलर्ट

Subodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वार्ता/रांची
share

झारखंड में गर्मी ने अभी से सितम ढाना शुरू कर दिए हैं। राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि होने की संभावना है।

झारखंड मौसमः सितम ढा रही गर्मी, तापमान 40 डिग्री के पार; इन जिलों में लू का अलर्ट

झारखंड में गर्मी ने अभी से सितम ढाना शुरू कर दिए हैं। राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर पहुंच सकता है।

राज्य के सरायकेला में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में शामिल है। इससे पहले 4 अप्रैल को यहां 40.3 डिग्री और मेदिनीनगर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था।

मौसम विभाग ने 17 और 18 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा और सरायकेला-खरसांवा जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर के समय तेज और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।

हालांकि, 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे गर्मी में ज्यादा राहत मिलने के आसार नहीं हैं। 19 अप्रैल से पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने और आसमान साफ रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में और वृद्धि हो सकती है।

रांची का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में 39, मेदिनीनगर में 39.8 और बोकारो में 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं हजारीबाग में 36.2, गुमला में 35.5 और पाकुड़ में 37.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कई इलाकों में तापमान 38 से 42 डिग्री के बीच रहा।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और बच्चों, बुजुर्गों व बाहर काम करने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें। किसानों को भी फसलों की नियमित सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि बढ़ती गर्मी से नुकसान को कम किया जा सके।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें