Jharkhand weather update: झारखंड में करवट लेगा मौसम, लगातार 3 दिन बारिश होगी
झारखंड में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा हैं। राज्य में कभी तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है तो कभी 30 डिग्री के आसपास ठहर जा रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने 3 दिन राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।

झारखंड में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा हैं। राज्य में कभी तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है तो कभी 30 डिग्री के आसपास ठहर जा रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने 3 दिन राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि झारखंड के कुछ हिस्सों में 7 मार्च से हल्की बारिश होने की संभावना है। उन्होंने आगे कहा कि बारिश के बाद तापमान में और वृद्धि होने की उम्मीद है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख बाबूराज पीपी ने पीटीआई को बताया कि ऊपरी निम्न दबाव प्रणाली के कारण झारखंड के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी क्षेत्रों में 7 से 9 मार्च के बीच आंशिक बादल छाए रहने और छिटपुट हल्की बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि निम्न दबाव का क्षेत्र ओडिशा और बिहार में फैला हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि इससे अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। पिछले 24 घंटों में चाईबासा में राज्य का सबसे अधिक तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।डाल्टनगंज में 35.2 डिग्री सेल्सियस जबकि जमशेदपुर में 35.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राज्य की राजधानी रांची में 30 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राज्य में न्यूनतम तापमान 11 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच उतार-चढ़ाव कर रहा है। गुमला में सबसे कम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिछले कुछ दिनों में झारखंड के अधिकतम तापमान में लगातार बदलाव देखा जा रहा हैं। कई जिलों में पारा 35-36 डिग्री तक पहुंच रहा है वहीं अब कई इलाकों में यह 32-33 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। न्यूनतम तापमान में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां रात का तापमान 17-18 डिग्री के आसपास था, अब कई जिलों में यह गिरकर 11 से 14 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में मौसम परिवर्तन का दौर चल रहा है। दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


